अमरकंटक यूनिवर्सिटी में एबीवीपी ने कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन
विश्वविद्यालय औषधालय की अव्यवस्थाओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग
संवाददाता/श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक / मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक (अनूपपुर, म.प्र.) में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आज कुलसचिव को विस्तृत ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय औषधालय की कमजोर व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है ।
दवाइयों की कमी और डॉक्टर की अनुपस्थिति है मुख्य समस्या
एबीवीपी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि विश्वविद्यालय की औषधालय में पिछले समय से अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं , जिसके कारण विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।
प्रमुख समस्याएं —
औषधालय में आवश्यक दवाइयों की निरंतर कमी ,
नियमित डॉक्टर की अनुपस्थिति तथा उपस्थित होने के स्पष्ट समय का निर्धारण न होना ,
औषधालय का चौबीसों घंटे सप्ताह में सातो दिन खुला न रहना ,
आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस एवं प्राथमिक उपचार की पर्याप्त व्यवस्था का अभाव , शामिल हैं ।
विद्यार्थियों ने विशेष रूप से मांग की है कि आपातकालीन स्थिति में पेंड्रा रेफर किए गए विद्यार्थी को अस्पताल ले जाने से लेकर वापस विश्वविद्यालय लाने तक एम्बुलेंस में एक महिला सुरक्षा कर्मी को साथ भेजा जाए । इसके अलावा औषधालय में उपलब्ध एम्बुलेंस एवं वाहन चालकों की संख्या बढ़ाए जाने की भी आवश्यकता बताई गई है ।
आपातकालीन सेवाएं कमजोर
एबीवीपी ने कहा कि इन समस्याओं के चलते विद्यार्थियों को बाहरी अस्पतालों पर निर्भर होना पड़ता है , जिससे समय और आर्थिक दोनों स्तरों पर गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न होती हैं । उन्होंने कुलसचिव से आग्रह किया है कि दो दिवस के भीतर विश्वविद्यालय औषधालय में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए सभी समस्याओं का निराकरण किया जाए ताकि विद्यार्थियों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें ।
आज ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वविद्यालय मंत्री सिमरन सेन , विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष अंकिता मिश्रा , वाणी मंगलानी , काव्या पाण्डेय , मानसी , प्रिया , प्रांजल , वैशाली , शिवानी , अंकिता सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
एबीवीपी ने अपेक्षा व्यक्त की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों की जीवन-सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर त्वरित संज्ञान लेगा और जल्द समाधान सुनिश्चित करेगा










