कोर्ट परिसर में दुर्घटना में मृत व्यक्ति के लिए नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि ने करी आर्थिक सहायता की मांग
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार निप्र:- विगत दिनों जिलाधीश परिसर में क्षति ग्रस्त लोहे के वजनदार दरवाजे के गिरने से हुई बुजुर्ग की मृत्यु पर जिम्मेदार अधिकारियो द्वारा जांच दल गठित करना इनकी जवाबदारियों से इतिश्री करना लगता है जो की प्रशासनिक जिम्मेदार अधिकारियो की मंशा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।
उक्त बात नेता प्रतिपक्ष प्रतिनिधि,जिला कांग्रेस प्रवक्ता एडवोकेट अजय डॉ मनोहर सिंह ठाकुर ने करते हुए कहा उक्त हादसा दुर्घटना नहीं घटना है जो कि प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियो की लापरवाही के कारण घटित हुई है जिससे हमारे रासमंडल क्षेत्र की बुजुर्ग जो की पूर्णतः स्वस्थ थे उन पर घटित होती है जो की दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर यही घटना अभी कही अन्य क्षेत्र में या किसी जनसामान्य की लापरवाही से होती तो यही अधिकारी दुर्घटना को हत्या कारीत करते और संबंधित पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज करते ।
अजय सिंह ठाकुर ने आगे कहा की समाचार पत्रों से मीडिया से,सोशल मीडिया के माध्यम से सब से स्पष्ट दिख रहा है की उक्त बुजुर्ग की मृत्यु परिसर में लगे दरवाजे जो की शासकीय हो कर जीर्णशीर्ण था उसी से हुई है ।जिसमें अधिकारी चाहते तो रेडक्रॉस या अन्य किसी मद से तत्काल मुआवजा राशि स्वीकृत कर उस परिवार की सहायता करते।
लेकिन यह मानवीयता रख दुख की घड़ी में साथ देना दो दूर अधिकारीगण जांचदल गठित कर बुजुर्ग की मृत्यु पर ही पर ही प्रश्न चिन्ह खड़ा कर अपनी जवाबदारी से बचना चाहते है। जो की गलत होकर निंदनीय है। जिसे बर्दाश्त किया जाना संभव नहीं है।
जिस पर ठाकुर ने प्रशासन से उक्त परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता की मांग करते हुए जनप्रतिनिधि,विधायक और सांसद से भी अपनी निधि से उक्त पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग कर उक्त घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया।


















