कोटमी-परासी सड़क गड्ढों का अखाड़ा बनी जनता की मुसीबत, 2021 में स्वीकृत हुई थी 33 करोड़ की परियोजना
रिपोर्ट हरी प्रसाद यादव
स्थानीय निवासियों और यात्रियों की सुधि लेने वाला कोई नहीं, जर्जर सड़क बन गई है दुर्घटनाओं की जड़
अनूपपुर/ PWD रोड कोटमी तिराहा से परासी जमुना और धुरवासिन से जैतहरी की ओर जाने वाली यह सड़क गड्ढों, पत्थरों, कीचड़ और जगह-जमा पानी के कारण वाहन चालकों और राहगीरों के लिए एक बड़ा खतरा बनी हुई है। इस खराब सड़क के चलते कई सड़क दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं।
इस 23.30 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण की आधिकारिक स्वीकृती वर्ष 2021 में मिली थी। तत्कालीन मंत्री बिसाहूलाल सिंह द्वारा 14 अगस्त, 2021 को 33 करोड़ रुपये की लागत से इस मार्ग के निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य जैतहरी को कोतमा मार्ग से सीधे जोड़ना और लगभग 15 किलोमीटर की दूरी कम करना था, साथ ही भारी वाहनों को शहर से बाहर निकालने में मदद मिलनी थी।
जमीनी हकीकत: वादों और हकीकत के बीच खाई चार साल बाद भी इस सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है। कोटमी से परासी के बीच की पीडब्ल्यूडी रोड गड्ढों से भरी हुई है। दोपहिया वाहन चालक गड्ढों से बचने की कोशिश में अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं और गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं। सड़क की यह हालत पैदल यात्रियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण है, जिन्हें कीचड़ और पानी भरे गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कागजों में करोड़ों रुपये स्वीकृत होने के बावजूद जमीन पर काम की गति अत्यंत धीमी है या ना के बराबर है। उनका आरोप है कि यह सड़क राजनीतिक उपेक्षा का शिकार होकर रह गई है।


















