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कोतमा सरकारी अस्पताल की हालत बद से बदतर, सौ से ज़्यादा मरीजों पर सिर्फ़ एक डॉक्टर

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कोतमा सरकारी अस्पताल की हालत बद से बदतर, सौ से ज़्यादा मरीजों पर सिर्फ़ एक डॉक्टर

अनूपपुर/कोतमा
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की सच्चाई बुधवार को कोतमा सरकारी अस्पताल में खुलकर सामने आई यहां इलाज के लिए सुबह से ही 100 से 200 मरीज तक कतार में खड़े थे, लेकिन उनकी देखरेख के लिए केवल एक ही डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद था बाकी डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने मरीजों को बेबस और परेशान कर दिया

लंबी कतारों में खड़े मरीज घंटों इंतजार करने के बावजूद सही इलाज पाने से वंचित रहे परिजनों ने नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा कि जब कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पतालों का यह हाल है, तो ग्रामीण इलाकों की हालत का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है

लोगों का सवाल है—क्या यही है विकास की गंगा, जहां मरीजों की जान भगवान भरोसे छोड़ दी जाए?
डॉक्टरों की नियमित अनुपस्थिति और लापरवाही न सिर्फ़ स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रही है, बल्कि आम जनता का भरोसा भी तोड़ रही है

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि कोतमा अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त की जाए, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो और उन्हें समय पर बेहतर इलाज मिल सके क्योंकि कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं को लेकर नेता व अन्य संबंधित जन खूब सुर्खियां बटोरे हैं लेकिन हकीकत में सच्चाई कुछ और है

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