जानिए क्या है। ई-ऑफिस सिस्टम प्रणाली में अनूपपुर के आदिवासी जिले को मिला प्रथम स्थान
अनूपपुर। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 के पहले दिन से ई- ऑफिस सिस्टम की नई शुरुआत की थी प्रथम चरण में मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित विभागाध्यक्षो के कार्यालय में ई- ऑफिस सिस्टम लागू हुआ यानी कागजी नोट शीट फाइलों के बजाए ऑनलाइन फाइल मूव करने का सिस्टम लागू किया गया था। इस नई ई- ऑफिस व्यवस्था से आम जनता को राहत मिलेगी ई -ऑफिस सिस्टम को अनूपपुर जिले में भी 1 अप्रैल से पूरी तरह से लागू करने दृढ़ संकल्पित भाव से कलेक्टर हर्षल पंचोली ने फैसला लेते हुए इसकी शुरुआत की जिसका परिणाम यह रहा कि अब अनूपपुर जिले के विभिन्न विभागों में ई- ऑफिस प्रणाली रन कर रही है जिले के विभागों में फाइलों का मूवमेंट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई- फाइल) द्वारा किए जाने लगा है। जिससे पूरी कार्यवाही पेपरलेस हो गया।
क्या है ई-ऑफिस प्रणाली – ई- ऑफिस ऑनलाइन प्रणाली है इसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक कंप्यूटर पर बैठकर अपनी फाइलें निपटाते हैं इससे यह पता चल जाता है कि कौन सी फाइल किसके पास लंबित है पुरानी नस्तियों को भी इसमें ढूंढा जा सकेगा इससे शासकीय कार्य तेजी से संपादित हो सकेंगे उच्च स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग की भी व्यवस्था होती है।
ई-ऑफिस के मुख्य लाभ के साथ कागज़ की बचत – ई-ऑफिस के माध्यम से, फाइलों को संसाधित करने में लगने वाला समय कम हो जाता है, जिससे सरकारी कामकाज में तेजी आती है। ई-ऑफिस के माध्यम से, फाइलों की आवाजाही और प्रसंस्करण को ट्रैक करना आसान हो जाता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है। ई-ऑफिस, कागज़ के उपयोग को कम करता है, जिससे पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ई-ऑफिस, कागज़, मुद्रण और भंडारण की लागत को कम करता है। ई-ऑफिस, प्रत्येक फाइल के लिए एक स्पष्ट जवाबदेही स्थापित करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक फाइल का समय पर और उचित तरीके से कार्य को किया जा सके।
ई-ऑफिस सुरक्षा – दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करता है और अनधिकृत पहुंच से बचाता है।
ई-ऑफिस, भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से वितरित करना है।
उदाहरण के लिए, ई-ऑफिस के माध्यम से, एक सरकारी कर्मचारी एक फाइल को एक विभाग से दूसरे विभाग में आसानी से और जल्दी से स्थानांतरित कर सकता है, जबकि पहले उसे फाइल को भौतिक रूप से ले जाना पड़ता था। ई-ऑफिस, सरकारी कर्मचारियों के लिए एक उपयोगी उपकरण है जो उन्हें अपने काम को अधिक कुशलता से करने में मदद करता है।
अनूपपुर जिला ई-ऑफिस प्रणाली में प्रदेश में प्रथम स्थान पर – ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अनूपपुर जिले ने ई-ऑफिस प्रणाली के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने ईटीवी भारत में बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के तहत शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, गति और दक्षता आई है। अनूपपुर जिले में इस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करते हुए फाइलों के इलेक्ट्रॉनिक संधारण, ट्रैकिंग और शीघ्र निपटारे को सुनिश्चित किया गया है। इससे न केवल कागजों की खपत में कमी आई है, बल्कि समय की भी बचत हुई है।मेरे द्वारा निरंतर समीक्षा और अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था की गई, जिससे जिले में ई-ऑफिस प्रणाली का सुचारू संचालन सुनिश्चित हुआ। इस उपलब्धि से जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तकनीकी नवाचार की एक नई मिसाल कायम हुई है। प्रदेश स्तर पर अनूपपुर जिले को मिला यह प्रथम स्थान जिला सूचना एवं विज्ञा एवं उनकी टीम व जिले के सभी शासकीय कार्यालयों की पूरी टीम के परिश्रम का प्रतिफल है
बाईट – हर्षल पंचोली कलेक्टर अनूपपुर


















