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खड़गवां को मिली कृषि शिक्षा की नई पहचान 9.46 करोड़ की लागत से बनेगा आधुनिक कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र

By Santosh Chaurasiya

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किसानों और युवाओं के लिये शिक्षा, शोध और रोजगार के खुलेंगे नये द्वार

 

एमसीबी/खड़गवां। जिले के खड़गवां विकासखंड के लिये सोमवार का दिन विकास के इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया। कृषि शिक्षा और अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र खड़गवां के नवीन भवन का विधिवत भूमिपूजन सम्पन्न हुआ। लगभग 9 करोड़ 46 लाख रुपयों की लागत से निर्मित होने वाला यह अत्याधुनिक भवन आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय कृषि विकास, अनुसंधान गतिविधियों तथा युवाओं के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

इस शुभ अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के प्रभारी मंत्री एवं आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की। वैदिक मंत्रोच्चार, विधिवत पूजा-अर्चना और भूमिपूजन के साथ जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

 

*क्षेत्रीय विकास की धुरी बनेगा कृषि महाविद्यालय*

 

समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि खड़गवां में कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना सरकार की दूरदर्शी सोच और किसानों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह संस्थान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, युवाओं को कृषि आधारित उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने और क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की स्वीकृति से साकार हुई है जो राज्य सरकार की कृषि और ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि जिले की अधिकांश आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में यह महाविद्यालय किसानों को उन्नत खेती, फसल विविधीकरण, नवीन तकनीक और आयवर्धक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करेगा। इससे किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर बहु-फसली और लाभकारी कृषि मॉडल अपना सकेंगे।

 

*आधुनिक खेती और बहु-आय मॉडल को मिलेगा बढ़ावा*

 

प्रभारी मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार पारंपरिक खेती के साथ-साथ मोटे अनाज (मिलेट्स), दलहन-तिलहन, कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसलें, मछली पालन, पशुपालन और मुर्गी पालन को प्रोत्साहित कर रही है। कृषि अनुसंधान केंद्र के माध्यम से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान से जोड़ा जायेगा जिससे खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सके।

इस अवसर पर उन्होंने नवीन पशु औषधालय भवन, कृषि महाविद्यालय में छात्रावास निर्माण और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं की स्वीकृति की घोषणा भी की जिससे विद्यार्थियों और किसानों को बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।

 

*शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य में निरंतर प्रगति*

 

अध्यक्षीय संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि खड़गवां विकासखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना के क्षेत्र में निरंतर और संतुलित विकास हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में इस क्षेत्र में कई विद्यालय, महाविद्यालय, एकलव्य विद्यालय, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की स्थापना की गई है और अब कृषि महाविद्यालय का शुभारंभ क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने आगे कहा कि सड़कों के निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा सुविधाओं में भी बड़े स्तर पर कार्य किये जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सैकड़ों सड़क परियोजनाएं जिले को एक नई पहचान दे रही हैं। उन्होंने इस विकास के लिए सरकार और प्रभारी मंत्री के प्रयासों की सराहना की।

 

*जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की रही व्यापक भागीदारी*

 

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य, ग्राम पंचायतों के सरपंच, वरिष्ठ नागरिक, किसान, छात्र-छात्राएं, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह, आशा और विकास की स्पष्ट झलक देखने को मिली। उपस्थित जनसमूह ने कृषि महाविद्यालय की स्थापना को क्षेत्र के लिये शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया।

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