एमसीबी/खड़गवां। खड़गवां थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतिका के पति को ही हत्या का आरोपी साबित करते हुए चंद घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस की त्वरित और सघन विवेचना से यह स्पष्ट हो गया कि आत्महत्या बताई जा रही घटना वास्तव में एक सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 03 जनवरी 2026 को ग्राम लकरापारा निवासी देवनारायण पिता कृपाल सिंह (उम्र 20 वर्ष) द्वारा थाना खड़गवां में मौखिक सूचना दी गई थी कि उसकी पत्नी रवीना सिंह ने घर के कमरे में लगे पंखे से भगवा रंग के गमछे का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना के आधार पर थाना खड़गवां में मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ की गई।
मृतिका के नवविवाहिता होने के कारण कार्यपालिक दंडाधिकारी की उपस्थिति में पंचनामा कार्यवाही कराई गई और डॉक्टरों की टीम से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु का कारण हत्यात्मक (होमिसाइडल) पाया गया जिससे मामला पूरी तरह पलट गया।
जांच के दौरान मृतिका के माता-पिता, परिजनों और अन्य गवाहों के कथन तथा उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पति देवनारायण ने पहले पत्नी के साथ मारपीट कर उसकी हत्या की और बाद में घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से कमरे में पड़े गमछे से फांसी का फंदा बनाकर मृतिका के गले में डालकर पंखे से लटका दिया। पुख्ता साक्ष्य मिलने पर थाना खड़गवां में प्रकरण दर्ज कर 06 जनवरी 2026 को आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्यवाही से ना केवल मृतिका के परिजनों को न्याय की उम्मीद मिली है बल्कि समाज में यह संदेश भी गया है कि अपराध कितना ही छिपाने का प्रयास क्यों ना किया जाये कानून से बच पाना संभव नहीं है।
यह संपूर्ण कार्यवाही पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा (IPS) और पुलिस अधीक्षक एमसीबी रत्ना सिंह (IPS) के निर्देशानुसार नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी श्रीमती दीपिका मिंज के मार्गदर्शन में तथा थाना प्रभारी खड़गवां सुनील तिवारी के नेतृत्व में की गई। इस कार्यवाही में सउनि विनय तिवारी, सउनि रविन्द्र कुर्रे, प्रधान आरक्षक रमेश पाण्डेय, आरक्षक सुरेश गौड़, जितेन्द्र मिश्रा, अखिलेश जायसवाल, पिताम्बर सिंह, उदय सिंह, गणेश सिंह, आजूराम मोर्चे एवं सैनिक विनय श्याम का सराहनीय योगदान रहा।


















