नई लेदरी। सांसद प्रतिनिधि एवं महिला कांग्रेस की महामंत्री श्रीमती राधा सरकार ने केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती केवल दिखावटी कदम है जिससे आम जनता को वास्तविक राहत नहीं मिल पा रही है।
श्रीमती सरकार ने कहा कि सरकार भले ही टैक्स में कमी का दावा कर रही हो लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तेल कंपनियों और राज्यों द्वारा लगाये जाने वाले अन्य करों के कारण उपभोक्ताओं तक राहत बहुत सीमित होकर रह जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय केवल जनता को भ्रमित करने के उद्देश्य से लिया गया है जबकि महंगाई से जूझ रही जनता को ठोस और प्रभावी राहत की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। परिवहन लागत बढ़ने से इसका सीधा असर खाद्य पदार्थों सहित रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है जिससे आमजन का बजट पूरी तरह प्रभावित हुआ है। नये वित्त वर्ष की शुरुआत में ही आम जनता और व्यापारियों को एक और झटका लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी (19 किलोग्राम) सिलेंडर की कीमतों में करीब 195.50 रुपयों की बढ़ोतरी कर दी है। राधा सरकार ने कहा कि इस तरह के लगातार बढ़ते दाम व्यापारियों के लिये भी चिंता का विषय हैं क्योंकि इससे लागत बढ़ेगी और अंततः इसका बोझ उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिये दीर्घकालिक और प्रभावी कदम उठाये जायें ताकि आम जनता को वास्तविक राहत मिल सके।













