रीवा
रीवा जिले के खबरा कला, घनश्याम नगर गांव में भारतीय महिला फेडरेशन का जिला स्तरीय सम्मेलन कामरेड दुर्गा कोल की अध्यक्षता एवं एडवोकेट अरुणा पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में 95 वर्षीय वरिष्ठ साथी कामरेड बद्री प्रसाद कोल की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने पूर्व में बाँध आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। किसान नेता कामरेड गया मिश्रा मार्गदर्शन के लिए विशेष रूप से मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि अरुणा पटेल ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में महिलाएं आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत पिछड़ी हुई हैं। मध्य प्रदेश में महिलाओं का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है, जहां कई मामलों में पुलिस थानों में एफआईआर तक दर्ज नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि आदिवासी महिलाओं की स्थिति और भी दयनीय है। सरकारी अस्पतालों में समुचित इलाज और दवाओं के अभाव में प्रसूता महिलाओं व नवजातों की मौत हो रही है, वहीं कुपोषण के कारण बड़ी संख्या में बच्चों की जान जा रही है। उन्होंने शासन की निगरानी में नकली दवाओं के वितरण, वनाधिकार कानून 2005 और पेसा कानून के उल्लंघन तथा सिंगरौली क्षेत्र में खनन के लिए बड़े पैमाने पर हो रही पेड़ों की कटाई पर भी चिंता जताई।
सम्मेलन में सर्वसम्मति से नई समिति का गठन किया गया। अध्यक्ष पद पर आरती कोल, उपाध्यक्ष सुशीला साकेत, सचिव आरती कोल, सह सचिव आशा देवी कोल तथा कोषाध्यक्ष उर्मिला कोल को चुना गया। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में रामरती आदिवासी, सुशीला आदिवासी, राजकुमारी केवट, बिमला साकेत, उर्मिला कोल, गुलाब कली कोल, रानी कोल एवं शैल कुमारी को शामिल किया गया।
सम्मेलन में क्षेत्र की लगभग पचास महिलाओं ने सहभागिता कर संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।


















