खेपी टोला में भारी मशीन से पयरा कटाई बनी मुसीबत
श्रमिक नगर बस्ती की सांसें घुट रहीं, तत्काल कार्रवाई की उठी मांग
कोतमा। श्रमिक नगर खेपी टोला बस्ती में प्रेशर कटाई के साथ अब भारी मशीन से धान के पयरा की कटाई और दवाई छिड़काव ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है। बस्ती की निवासी बिधवा महिला दनकी केवट (55 वर्ष) ने थाना प्रभारी रत्नाभर शुक्ला को लिखित शिकायत देकर बताया कि मोहल्ले के विजय साहू और लखन साहू कई महीनों से बड़ी मशीन से धान का पयरा की कटाई कर रहे हैं, जिससे भारी मात्रा में धूल उड़कर पूरे क्षेत्र में फैल रही है इसके कारण घरों के अंदर तक धूल पहुंच रही है और लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है
शिकायत में उल्लेख है कि अवैध प्रेशर कट और भारी मशीन से पयरा कटाई के चलते बस्ती के लोगों को दमा, खांसी, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियाँ हो रही हैं दनकी केवट ने आरोप लगाया कि रोकने पर विजय साहू गाली–गलौज करता है, डराता–धमकाता है जान से मारने की धमकी देता है और कहता है “हम अपनी जमीन पर कर रहे हैं, जिसे जो करना है कर लो
ग्रामीणों ने बताया कि पयरा कटाई से उठने वाली डस्ट से सबसे अधिक प्रभावित पास के ब्यूटी पार्लर में सीखने आने वाली छोटी-बड़ी बच्चियाँ और महिलाएँ होती हैं बिल्डिंग दुकान में काम करने वाले मजदूर होते हैं जिन्हें लगातार खांसी और एलर्जी की समस्या बढ़ गई है
शिकायतकर्ताओं में शामिल:
शिवचरण यादव, नंदकुमार, रोशनी अहिरवार, पार्वती मांझी, शिवम सहित अन्य ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन स्थिति को अनदेखा कर रहा है
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
अवैध प्रेशर कटाई पर तुरंत रोक लगे
धान पयरा कटाई से उड़ने वाली धूल पर रोक या निर्धारित स्थान पर कटाई की व्यवस्था
जिम्मेदार व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई
बस्ती के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्वरित समाधान
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो जाएगी लिखित शिकायत के बाद अब प्रशासन के कान खड़े होने चाहिए और तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरूरत है


















