रिपोर्टर – शशिधर अग्रवाल, कोयलांचल समाचार
अनूपपुर, 2 मार्च। वन परिक्षेत्र, थाना एवं तहसील जैतहरी अंतर्गत धनगवां बीट के जंगल में पिछले 70 दिनों से डेरा डाले तीन हाथियों के समूह में सोमवार सुबह एक बड़ा दो-दांत वाला नर हाथी आ मिला। यह दंतैल छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र से लगभग 25 किलोमीटर का सफर तय कर सीमा पार करते हुए धनगवां पहुंचा। इसके साथ ही अनूपपुर जिले में हाथियों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
जानकारी के अनुसार, तीन हाथियों का समूह कुकुरगोंड़ा, पड़रिया और क्योटार ग्राम पंचायतों से लगे बेल्हाटोला, सरईहाटोला, भलुवान टोला, गोंढाटोला, पाड़ाडोल, पटौरा और रोहिलाकछार के जंगलों के मध्य दिन में विश्राम करता है। रात होते ही ये हाथी आहार की तलाश में खेतों की ओर निकलते हैं। बीते शनिवार और रविवार की रात इन्होंने सरईहाटोला और बेल्हाटोला में रामेश्वर सिंह, बाबूलाल सिंह और लाल सिंह के खेतों में लगी मटर और अरहर की फसल को नुकसान पहुंचाया।
इधर, मरवाही क्षेत्र से आया दंतैल रविवार को विभिन्न गांवों—कुम्हारी, चिचगोहना, घुसरिया, पडरी और पथर्री—से गुजरते हुए फसलों को नुकसान पहुंचाता सोमवार तड़के चोलना क्षेत्र से धनगवां जंगल पहुंचा और अन्य तीन हाथियों से जा मिला।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने, रात में खेतों की निगरानी न करने और समूह में ही आवाजाही करने की सलाह दी है। होली के त्योहार के बीच हाथियों की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
