लोकेशन बरूड़,,,
जिला खरगोन मध्य प्रदेश,,,
रिपोर्टर अबरार पठान,,,
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रात्रि में डॉक्टर रहते हैं नदारद, ग्रामीण जिला अस्पताल जाने को मजबूर
खरगोन जिले के टांडा-बरूड स्थित श्रीमती लक्ष्मीबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर बदहाली का शिकार हैं। रात्रि के समय डॉक्टरों की अनुपस्थिति यहां आम बात हो गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मजबूरी में मरीजों को जिला अस्पताल या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
ग्रामवासियों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की लापरवाही के चलते क्षेत्र की जनता को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्थाओं और रात्रि में डॉक्टरों के नहीं मिलने का मुद्दा जमीन दानदाता भगवान कुमरावत ने भी उठाया है। उन्होंने बताया कि गरीब ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें, इसी उद्देश्य से उन्होंने करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन दान की थी, लेकिन डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उनका उद्देश्य अधूरा रह गया।
इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक केदार डावर ने कहा कि श्रीमती लक्ष्मीबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरूड की अव्यवस्थाओं एवं रात्रि में डॉक्टरों की अनुपस्थिति का मुद्दा वे विधानसभा में उठाएंगे।
वहीं, स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ प्रकाश मंडलोई द्वारा व्यवस्थाओं पर ध्यान नहीं दिए जाने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्वास्थ्य केंद्र से लगभग 20 से 25 गांव जुड़े हुए हैं, जहां आदिवासी बहुल क्षेत्र की गरीब जनता को निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्रामीण पंकज दवाने, विजय निहाले और मनोज कोचले ने बताया कि शिकायत करने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। जब मीडिया द्वारा इस संबंध में सीएमएचओ से बात की गई तो उन्होंने रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा कि “डॉक्टरों की व्यवस्थाएं की जा रही हैं।”
ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायतों को बिना जांच के ही विभागीय स्तर पर बंद कर दिया जाता है, जिससे अब लोगों का मुख्यमंत्री की सीएम हेल्पलाइन से भी विश्वास उठता जा रहा है।


















