जमुना-कोतमा क्षेत्र में तीन दिवसीय खान बचाव प्रतियोगिता का भव्य समापन, बारिश के बीच रेस्क्यू योद्धाओं ने दिखाया अदम्य साहस और समर्पण
रिपोर्ट: संतोष चौरसिया
जमुना-कोतमा। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) और खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय अन्तरक्षेत्रीय खान बचाव प्रतियोगिता-2025 का भव्य समापन रविवार को गोविंदा स्थित द्रोणाचार्य स्टेडियम में हुआ यह प्रतियोगिता बीते दो दिनों से बदरा सात/आठ नारायण खदान परिसर में चल रही थी, जहां विभिन्न क्षेत्रों से आए रेस्क्यू योद्धाओं ने अपने साहस, अनुशासन और तकनीकी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामावतार मीना, उप महानिदेशक खान सुरक्षा (पश्चिमांचल, नागपुर) और श्री नीरज कुमार, उप महानिदेशक खान सुरक्षा (उत्तरांचल, गाजियाबाद) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में श्री हरीश दुहन, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) SECL, श्री विपुल बिहारी सटियार, निदेशक खान सुरक्षा रायगढ़, श्री प्रकाश राय, महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) बिलासपुर तथा श्री मनोज बिश्रोई, महाप्रबंधक (बचाव) शामिल हुए
कार्यक्रम का शुभारंभ मां काली की आराधना और आकाश में गुब्बारे छोड़ने के साथ हुआ, जिसने एकता और समर्पण का संदेश दिया इसके बाद अतिथियों ने सभी रेस्क्यू टीमों की परेड का निरीक्षण किया इस दौरान तेज बारिश के बीच भी जब रेस्क्यू कर्मी पूरी दृढ़ता और शौर्य के साथ अपने प्रदर्शन में जुटे रहे, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा उनके इस साहस ने यह सिद्ध कर दिया कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में ये योद्धा खदानों में फंसे साथियों की जान बचाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं
मंच पर मां सरस्वती और गणेश वंदना के साथ कार्यक्रम का औपचारिक आरंभ हुआ इसके पश्चात कोल इंडिया का सहकारिता गीत गाया गया और खदानों में शहीद हुए श्रमिकों की आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखा गया तत्पश्चात सभी रेस्क्यू कर्मियों ने सुरक्षा और सेवा की सामूहिक शपथ ली
आयोजक क्षेत्र के महाप्रबंधक श्री प्रभाकर राम त्रिपाठी ने अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा—
> “जब हम खतरों से दूर भागते हैं, तब हमारे रेस्क्यू साथी उन्हीं खतरों में कूदकर जीवन बचाते हैं यह न केवल एक पवित्र कार्य है, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा भी है इस प्रतियोगिता ने दिखाया कि SECL के रेस्क्यू दलों की क्षमता किसी भी राष्ट्रीय आपदा दल से कम नहीं है
समारोह में अतिथियों द्वारा रेस्क्यू प्रतियोगिता की स्मारिका का विमोचन किया गया, जिसमें खान सुरक्षा, प्रशिक्षण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संकलित थीं इसी क्रम में केंद्रीय विद्यालय, जमुना कॉलोनी के बच्चों ने नागालैंड का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया
सीएमडी SECL श्री हरीश दुहन ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा—
> “हमारी बेटियां और महिलाएं हर क्षेत्र में सक्षम हैं उन्हें अपनी योग्यता और आत्मविश्वास के बल पर आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलना चाहिए स्वच्छता और सुरक्षा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार होना चाहिए महिला रेस्क्यू टीमों ने यह सिद्ध कर दिया है कि वे किसी भी परिस्थिति में पुरुषों से कम नहीं हैं
उन्होंने आगे कहा—
> “हर कर्मी और उसके परिवार को फर्स्ट-एड प्रशिक्षण मिलना चाहिए स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा जागरूकता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है हमारे रेस्क्यू कर्मी ‘रियल हीरोज ऑफ SECL’ हैं — जो जान और संपत्ति की रक्षा करते हैं आने वाले समय में SECL, NDRF और SDRF के साथ संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होना चाहिए, ताकि बचाव कार्यों की गुणवत्ता और मजबूती और बढ़े
सीएमडी ने यह भी कहा कि हर जीवन अनमोल है —
हम लोग कई लोगों जीवन बचा पाते हैं, आकस्मिक समय में तो वह न केवल उस परिवार के लिए, बल्कि पूरे SECL परिवार के लिए गर्व की बात होगी
कर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है वर्तमान जीवनशैली और कार्य परिस्थितियों के कारण हृदय रोग और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं इसलिए, हर प्रबंधक अपने कार्यक्षेत्र में स्वास्थ्य जांच अभियान प्रारंभ करें और यह सुनिश्चित करें कि हमारे कर्मी नियमित रूप से चिकित्सकीय परीक्षण और दवा ले रहे हैं
कार्यक्रम के समापन पर विजेता टीमों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया अतिथियों ने जमुना-कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी और उनकी पूरी टीम की सराहना की, जिन्होंने तेज बारिश और विपरीत मौसम के बावजूद आयोजन को भव्य और सफल बनाया
यह तीन दिवसीय आयोजन न केवल सुरक्षा संस्कृति को नई दिशा देने वाला रहा, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि SECL के रेस्क्यू योद्धा हर परिस्थिति में मानवता की रक्षा के लिए समर्पित हैं
उनका यह जज्बा ही खनन क्षेत्र की असली ताकत और एसईसीएल की पहचान है —
“जहां खतरा है, वहीं से शुरू होती है हमारे रेस्क्यू कमांडोज़ की कहानी

















