एमसीबी। पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) के कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय नई दिल्ली, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन एवं मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन को विस्तृत शिकायत पत्र प्रेषित किया है।
शिकायती पत्र में पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने आरोप लगाया है कि कलेक्टर जिला एमसीबी द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध नियमविरुद्ध, एकतरफा और दमनात्मक कार्यवाही की गई जो ना केवल शासकीय सेवा नियमों बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों एवं संवैधानिक अधिकारों के भी विरुद्ध है।
*शिकायत में लगाये गये प्रमुख आरोप*
पूर्व विधायक कमरो ने आरोप लगाया है कि शासकीय कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया। कार्यालय परिसर में पुलिस बुलाकर दबाव का माहौल बनाया गया। कर्मचारियों को कलेक्टर कार्यालय में जबरन बैठाकर रखा गया और बिना सुनवाई के एकतरफा निलंबन आदेश जारी किये गये जो शासन के नियमों के प्रतिकूल हैं।
*हड़ताल समर्थन के दौरान की घटना*
शिकायत के अनुसार 30 दिसम्बर 2025 को छत्तीसगढ़ कर्मचारी/अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारी गोपाल सिंह (व्यायाम शिक्षक), सुरेन्द्र प्रसाद (सफाई कर्मचारी) और संजय पाण्डेय (राजस्व निरीक्षक)
तीन दिवसीय आंदोलन के दूसरे दिन हड़ताल के समर्थन में कलेक्टर कार्यालय मनेंद्रगढ़ पहुंचे थे।
गुलाब कमरो का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार का दबाव, दुर्व्यवहार अथवा अमर्यादित आचरण नहीं किया गया। उन्होंने शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में कर्मचारियों से स्वेच्छा से आंदोलन में सहयोग का अनुरोध किया था। इसके बावजूद कलेक्टर द्वारा पुलिस बल बुलाकर कर्मचारियों को लंबे समय तक बैठाए रखने और बाद में थाने ले जाकर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने जैसे कदम उठाये गये।
*बिना नोटिस निलंबन पर उठाये सवाल*
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस, पूर्व सूचना और पक्ष सुनवाई का अवसर दिये बिना एकतरफा रूप से निलंबित किया गया जबकि वे सभी एक मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी हैं। इसे पूरी तरह नियमविरुद्ध बताया गया है।
*पूर्व मामलों का दिया हवाला*
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि इसी प्रकार के एक पूर्व मामले में संजय पाण्डेय को निलंबन से बहाल कर निलंबन अवधि को कार्यावधि मानते हुए प्रकरण समाप्त किया जा चुका है जिससे इस तरह की कार्यवाहियों की तथ्यहीनता पहले ही सिद्ध हो चुकी है।
निष्पक्ष जांच और कार्यवाही की मांग
गुलाब कमरो ने मांग की है कि कलेक्टर जिला मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) द्वारा की गई समस्त कार्यवाहियों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाये तथा दोष सिद्ध होने पर कलेक्टर के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाये ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके और भविष्य में इस प्रकार की दमनात्मक कार्यवाही की पुनरावृत्ति ना हो।


















