किसानों के धान रकबे में की गई कटौती पर भड़के पूर्व जिला पंचायत सदस्य शरण सिंह
एमसीबी। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और वरिष्ठ आदिवासी नेता शरण सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि चैनपुर के अंतर्गत आने वाले धान उपार्जन केंद्र कठौतिया और जिले भर में अनेक पंजीकृत किसानों के डिजिटल क्रॉप गिरदावरी में गंभीर त्रुटियाँ पाई गई हैं।
श्री सिंह के अनुसार कई किसानों के नाम पर दर्ज धान का रकबा शून्य कर दिया गया है जबकि कई अन्य किसानों के खेतों के रकबे में मनमानी कटौती की गई है। इस वजह से प्रभावित किसान अब सहकारी समिति (सोसाइटी) में अपना धान बेचने से वंचित रह जाएंगे। जब किसानों ने ऑनलाइन रिकॉर्ड देखा तब यह गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद से जिले के किसानों में गहरी चिंता और आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही उन्होंने स्वयं समिति प्रबंधक चैनपुर और तहसीलदार मनेन्द्रगढ़ से संपर्क कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया लेकिन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने केवल यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि गिरदावरी संशोधन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। अब कुछ नहीं किया जा सकता।
शरण सिंह ने कहा कि प्रशासन की यह उदासीनता जिले के किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने इस संबंध में जिला कलेक्टर एमसीबी को आवेदन देकर गिरदावरी में हुई त्रुटियों को सुधारने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कलेक्टर द्वारा शीघ्र कार्यवाही नहीं की गई तो किसानों के हित में आंदोलन किया जायेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
यह उल्लेखनीय है कि आगामी 15 नवम्बर से जिले में धान खरीदी प्रारंभ होनी है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सैकड़ों किसान धान विक्रय से वंचित रह जाएंगे। शरण सिंह ने कहा कि एक ओर सरकार किसान उन्नति योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से किसान हितैषी होने का दावा करती है वहीं दूसरी ओर किसानों के रकबे काटकर उनके साथ विश्वासघात किया जा रहा है।


















