खलघाट टोल पर किसान आंदोलन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रैक्टर-चक्का जाम, पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पूरी..
ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी धार से
धार जिले के खलघाट टोल टैक्स के समीप, भारतीय मजदूर किसान महासंघ (BKMS) के बुलावे पर आज सुबह से सैकड़ों किसान राष्ट्रीय राजमार्ग (मुंबई–आगरा) की एक पट्टी पूरी तरह जाम कर चुके हैं। इस आंदोलन में धार, बड़वानी, खरगोन सहित आसपास के जिलों के किसान शामिल हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल तैनात किया गया है और वाहनों का रूट डायवर्ट किया जा रहा है।
सुबह-सुबह से ही किसानों ने खलघाट टोल प्लाजा के पास ट्रैक्टर–ट्रॉली लेकर पहुँचना शुरू कर दिया। किसानों ने हाईवे की एक पट्टी बंद कर दी।
BKMS की मांगों में शामिल हैं.. किसानों की फसल की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर बिक्री सुनिश्चित करना, किसानों की ऋण माफी, लैंड पूलिंग एक्ट से मुक्ति, लैंड अमैंक्वायर्मेंट (जमीनी अधिग्रहण) की स्थिति में चार गुना मुआवजा।
किसानों का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से अनसुनी रही हैं, इसलिए अब आंदोलन के माध्यम से आवाज़ उठाना ज़रूरी हो गया है।
दूसरी ओर, प्रशासन और पुलिस महकमे ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हाईवे पर किसी भी तरह का अवरुद्ध आंदोलन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आज की कार्रवाई में पुलिस ने रूट डायवर्ट किया, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और शांतिपूर्ण रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है।
BKMS के नेता गोपाल पाटीदार का कहना है कि हमारी मांगें न्यायसंगत हैं, अगर सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन लंबा चलेगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम होने से मुंबई–आगरा रूट पर आवाजाही प्रभावित हुई है। भारी वाहनों समेत अन्य रोड उपयोगकर्ताओं को डायवर्ट किया जा रहा है।
आसपास के क्षेत्रों में किसानो का समर्थन दिख रहा है; बड़ी संख्या में लोग ट्रैक्टर–ट्रॉली लेकर खलघाट पहुंच रहे है।
प्रशासन ने स्थानीय जनता से शांतिपूर्ण रहने की अपील की है और कहा है कि आंदोलन का असर आम नागरिकों पर न पड़े।
जहाँ BKMS के आह्वान पर किसान अपना मजबूत आंदोलन शुरू कर चुके हैं। मांगें कई और आंदोलन ऐतिहासिक — लेकिन अब देखना यह है कि प्रशासन और संवेदनशीलता किस स्तर तक जवाब देता है। शांतिपूर्ण रहेगी या बातचीत बनेगी — ये तय होगा अगले 24 घंटे में
बाइट
मयंक अवस्थी, पुलिस अधीक्षक, धार


















