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टोरेंट पावर की ‘मेगा डील’ से किसानों पर संकट! उपजाऊ जमीन गई, अब रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे स्थानीय युवा

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टोरेंट पावर की ‘मेगा डील’ से किसानों पर संकट! उपजाऊ जमीन गई, अब रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे स्थानीय युवा

[अनूपपुर/विशेष संवाददाता]

गुजरात की दिग्गज ऊर्जा कंपनी ‘टोरेंट पावर’ द्वारा अनूपपुर जिले में ‘न्यू जोन इंडिया’ के अधिग्रहण की खबर कॉर्पोरेट जगत के लिए भले ही बड़ी उपलब्धि हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है करीब ₹211 करोड़ के इस सौदे के बाद रक्सा और कोलमी गांवों के निवासियों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है
क्या है पूरा मामला?
टोरेंट पावर ने अनूपपुर में न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा कर लिया है कंपनी की योजना यहाँ की 922 एकड़ जमीन पर कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट लगाने की है लेकिन इस ‘विकास’ की कीमत यहाँ के स्थानीय किसान और नौजवान चुका रहे हैं।
लाखों टन धान उगलने वाली जमीन अब बंजर
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस 922 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया है, वह बेहद उपजाऊ थी यहाँ पहले लाखों टन धान का उत्पादन होता था, जिससे सैकड़ों परिवार अपना भरण-पोषण करते थे अब खेती बंद होने से न केवल उनकी आय खत्म हो गई है, बल्कि खाद्य सुरक्षा पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है
“योग्यता है, पर काम नहीं”
सबसे बड़ा आक्रोश स्थानीय युवाओं में रोजगार को लेकर है ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने जमीन लेते समय बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन अब स्थानीय लोगों की अनदेखी की जा रही है। पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से योग्य (Qualified) युवाओं को भी काम नहीं दिया जा रहा है कंपनी बाहरी लोगों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि जिन किसानों ने अपनी जमीन दी, उनके बच्चे बेरोजगार बैठे हैं
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
रक्सा और कोलमी के निवासियों ने जिला प्रशासन और सरकार से मांग की है कि कंपनी की मनमानी पर रोक लगाई जाए उनकी मांग है कि स्थानीय लोगों को उनकी योग्यता के अनुसार पावर प्लांट में नौकरी दी जाए

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