टोकन सीमा और अव्यवस्था पर विरोध तेज
एमसीबी। मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी) जिले के कछौड़ धान खरीदी केंद्र में खरीफ वर्ष 2025-26 की धान खरीदी प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। राज्य सरकार द्वारा प्रति क्विंटल 3100 रुपये की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी की घोषणा के बावजूद किसानों को केंद्र में केवल 15 क्विंटल प्रति एकड़ के टोकन ही जारी किये जा रहे हैं।
किसानों का आरोप है कि टोकन जारी करते समय ही 15 क्विंटल की सीमा तय कर दी गई है जिससे उनकी वास्तविक उपज खरीदी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्था को लेकर किसानों ने नमी परीक्षण में अनावश्यक सख्ती, खरीदी में देरी, बारदाने की कमी, कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार तथा टोकन वितरण में मनमानी जैसे आरोप लगाये हैं। पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने भी बारदाना संकट पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि खरीदी व्यवस्था में लापरवाही स्पष्ट दिखाई दे रही है।
किसानों के अनुसार अनुविभागीय अधिकारी केल्हारी द्वारा 15 क्विंटल से अधिक के टोकन जारी करने पर मौखिक रोक लगा दी गई है जिससे असंतोष और बढ़ गया है। किसानों ने एसडीएम के एक कथन पर भी आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि है की अगर किसान आंदोलन करेंगे तो पंडाल की व्यवस्था करा दूँगी। किसान इसे संवेदनहीन बयान मान रहे हैं इधर किसानों की समस्याओं को लेकर कछौड़ खरीदी केंद्र में कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी संदीप द्विवेदी के नेतृत्व में बैठक आयोजित की गई। बड़ी संख्या में किसान उपस्थित हुए और अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इसके बाद कांग्रेस पदाधिकारियों ने किसानों की मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के अनुरूप टोकन जारी करने, खरीदी केंद्र में बारदाना उपलब्ध कराने तथा नमी जांच में की जा रही मनमानी रोकने की मांग की गई है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन जल्द उचित कार्यवाही करे ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी हो सके। प्रशासन की ओर से अब तक किसी समाधानात्मक कदम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


















