दो अलग-अलग समूह में विचरण कर रहे चार हाथी अनूपपुर जिले में पहुंचे, फसलों को पहुंचा रहे नुकसान
कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर — शशिधर अग्रवाल
अनूपपुर।
अनूपपुर जिले में इन दिनों जंगली हाथियों की आवाजाही से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार दो अलग-अलग समूहों में विचरण कर रहे चार हाथी देर रात जिले की सीमा में प्रवेश कर गए हैं और विभिन्न गांवों के आसपास खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
बताया गया कि तीन हाथियों का एक समूह जिला डिंडोरी के वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र से होते हुए पड़रिया कला पंचायत के रास्ते अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत तुलरा बीट के ग्राम पंचायत मझौली के टिकरादूधी गांव में पहुंचा। यहां हाथियों ने सुंदर पिता संपत लाल महरा के खेत में लगी चना और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाते हुए आगे की ओर रुख कर लिया।
वहीं एक अन्य अकेला दो दांत वाला नर हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के वन मंडल मरवाही के शिवनी बीट अंतर्गत मालाडांड गांव से गुजरनाला पार कर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले की सीमा में प्रवेश कर गया। यह हाथी जैतहरी तहसील के वन परिक्षेत्र में पहुंचकर ग्राम पंचायत चोलना होते हुए वर्तमान में ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के छुहाईटोला निवासी कोमल सिंह के खेत में लगी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाते हुए विचरण कर रहा है।
हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम, जैतहरी और बिजुरी के वन अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क करते हुए हाथियों के नजदीक न जाने, उनसे दूरी बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की छेड़खानी न करने की सख्त हिदायत दी गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।












