सिंध नदी की बाढ़ में पीड़ितों की आवाज बनीं जिला पंचायत अध्यक्ष इंदिरा धीरू दांगी, मुख्यमंत्री को भेजा राहत और पुनर्वास के लिए पत्र रिपोर्ट भरत रावत
सिंध नदी में आई बाढ़ और लगातार हो रही भारी वर्षा से दतिया जिले के कई गांव जलमग्न हो चुके हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस विकट समय में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा धीरू दांगी पीड़ितों की मजबूत आवाज बनकर सामने आई हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र भेजकर कोटरा, गोरा, धौर्रा, बड़ोनकलां सहित अन्य बाढ़ग्रस्त गांवों के हालात की वस्तुनिष्ठ जानकारी देते हुए तत्काल राहत एवं स्थायी पुनर्वास की मांग की है।
श्रीमती दांगी ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह संकट नया नहीं है। वर्ष 2021-22 में भी इन क्षेत्रों को भीषण क्षति का सामना करना पड़ा था, किंतु न तो समुचित मुआवजा मिला, न ही स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल हुई। इस वर्ष के मानसून में फिर से जनहानि, पशुहानि, मकान क्षति और फसल बर्बादी जैसी घटनाएं सामने आई हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका पूरी तरह चौपट हो चुकी है।
इसी संदर्भ में पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए गुरुवार को अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर सुबह 9:00 बजे ग्राम कोटरा पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद ग्रामीणों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और ग्राम कोटरा के वीडीओ के माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष को निर्देशित किया कि वे तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित परिवारों को राहत दिलवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें।
इसी निर्देश के पालन में श्रीमती इंदिरा धीरू दांगी ने न सिर्फ मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, बल्कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री, जिले के प्रभारी मंत्री, कलेक्टर और मीडिया सेल को भी प्रतिलिपि प्रेषित की है। उन्होंने मांग की है कि:
सभी बाढ़ग्रस्त गांवों का तत्काल एवं पारदर्शी सर्वेक्षण कराया जाए।


















