दिव्यांगजनों के सम्मान, प्रेरणा और आत्मविश्वास से भरा रहा अविस्मरणीय आयोजन
एमसीबी। विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के अमृत सदन सभाकक्ष में जिला स्तरीय दिव्यांग समारोह का भव्य, भावनात्मक और उत्साहपूर्ण आयोजन हुआ। भरतपुर, मनेन्द्रगढ़ और खड़गवां तीनों विकासखंडों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए और पूरे सभागार में आत्मविश्वास, सम्मान और संवेदनाओं की अनूठी ऊर्जा साफ झलक रही थी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद अध्यक्ष श्रीमती जानकी बाई खुसरो, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह, रामजीत लकड़ा, समाज कल्याण विभाग की प्रभारी अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा और जनपद सीईओ सुश्री वैशाली सिंह उपस्थित रहीं।
*डिप्टी कलेक्टर ने कहा – दृढ़ इच्छाशक्ति ही सबसे बड़ी शक्ति*
सभा को संबोधित करते हुए डिप्टी कलेक्टर श्रीमती इंदिरा मिश्रा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के इस अर्थपूर्ण आयोजन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी दिव्यांग भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दिव्यांगजन केवल सहायता अथवा दया के पात्र नहीं बल्कि संघर्ष, साहस और प्रेरणा के प्रतीक हैं। जीवन की परिस्थितियों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की उनकी शक्ति समाज को यह संदेश देती है कि इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए दिव्यांग पेंशन, छात्रवृत्ति, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार प्रोत्साहन योजना और आरक्षण जैसी अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ पूरी प्रतिबद्धता के साथ चला रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन सदैव दिव्यांगजनों के समर्थन में है और उनके अधिकारों और कल्याण के लिए सतत कार्य करता रहेगा।
*आप भगवान भोलेनाथ के त्रिनेत्र के समान – रामजीत लकड़ा*
रामजीत लकड़ा ने भावपूर्ण संबोधन की शुरुआत भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयघोष के साथ की और कहा कि पूरा देश अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस मना रहा है और उसी गौरव के साथ एमसीबी जिला भी इस उत्सव में शामिल है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग शारीरिक रूप से सक्षम होने के बावजूद जीवन में कुछ विशेष नहीं कर पाते लेकिन दिव्यांगजन अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और साहस से वे उपलब्धियाँ हासिल करते हैं जिनकी सामान्य लोग केवल कल्पना कर पाते हैं। उन्होंने दिव्यांगजन को भगवान भोलेनाथ के ‘त्रिनेत्र’ की उपमा देते हुए कहा कि वे हर चुनौती को देखते, समझते और दृढ़ संकल्प के साथ उस पर विजय प्राप्त करते हैं। उन्होंने आमाखेरवा स्कूल के विद्यार्थियों की असाधारण प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि दिव्यांगजन क्षमता, दक्षता और कलात्मक कौशल के अनमोल भंडार हैं साथ ही उन्होंने सावधान करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक लोग दिव्यांगों के नाम पर फर्जी ऋण लेकर धोखाधड़ी करते हैं। इसलिए ऐसे व्यक्तियों से सतर्क रहना आवश्यक है और किसी भी संदेह की स्थिति में विभाग को तत्काल जानकारी देनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन संघर्ष की मिसाल हैं। समाज के लिए प्रेरक प्रकाशस्तंभ हैं और हम सब सदैव उनके साथ खड़े हैं।
*अनीता सिंह ने कहा सरकार दिव्यांग पेंशन योजना से लेकर रोजगार तक की दे रही सुविधा*
दिव्यांगजनों के सम्मान में अपना भावनात्मक संबोधन देते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता सिंह ने कहा कि एमसीबी जिले में अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस का आयोजन संवेदनशील शासन और सामाजिक न्याय की जीवंत पहचान है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकारों और आत्मनिर्भरता के लिये दिव्यांग पेंशन योजना, सहायक उपकरण वितरण, शिक्षा सहायता, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार प्रोत्साहन योजना और आरक्षण जैसी अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को दिव्यांग प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है ताकि वे सभी सरकारी लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है जब हर दिव्यांग भाई-बहन आत्मसम्मान के साथ जीये। आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को साहस के साथ पूरा करे। आप सब हमारी ताकत और प्रेरणा हैं।
*सम्मान समारोह ने बढ़ाया आत्मविश्वास, दिया सामाजिक समानता का संदेश*
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्यों ने महिला दिव्यांगजनों को साड़ी और श्रीफल तथा पुरुष दिव्यांगजनों को साल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। यह क्षण सभागार में उपस्थित सभी लोगों के लिए भावनात्मक और प्रेरक रहा। आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि समाज में हर व्यक्ति समान है और उसकी प्रतिभा, क्षमता और आत्मसम्मान ही उसकी वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सलाहकार अंजनी यादव, बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ एवं मिशन शक्ति हब से श्रीमती तारा कुशवाहा, दिव्यांग स्कूल के प्राचार्य चढोकर, दिव्यांग बच्चों के परिजन और बड़ी संख्या में माता-पिता उपस्थित रहे।


















