एमसीबी। जिले के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल मनेन्द्रगढ़ में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा एक उत्कृष्ट एकदिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम प्रशिक्षक प्रभास चंद्रा (प्राचार्य, नारायण ई-टेक्नो विद्यालय), प्रकाश कुमार गुप्ता (वरिष्ठ समन्वयक, अचीवर्स पब्लिक स्कूल) विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी तथा निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह उपस्थित रहे। विद्यालय की शिक्षिकाओं द्वारा ईश वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक एवं गरिमामय स्वरूप प्रदान किया गया।
एकदिवसीय प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने एनईपी 2020 के प्रमुख आयामों-5+3+3+4 शैक्षणिक संरचना, मातृभाषा आधारित शिक्षा, निपुण भारत अभियान, कौशल आधारित शिक्षण और अनुभवात्मक अधिगम पर विस्तार से चर्चा की। सीबीएसई के 14 नवीन क्षमता निर्माण कार्यक्रमों (सीबीपी) के अनुरूप यह कार्यशाला शिक्षकों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति से आगे बढ़ाकर आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता और डिजिटल एकीकरण की दिशा में प्रेरित करने वाली रही। विद्यालय के समस्त शिक्षक इस प्रशिक्षण से लाभान्वित हुए जिससे शैक्षणिक वातावरण में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल झगराखाण्ड और सेंट पैट्रिक एकेडमी मनेन्द्रगढ़ के शिक्षकों सहित कुल तीन विद्यालयों की सहभागिता रही। इससे क्षेत्रीय स्तर पर शैक्षणिक समन्वय और संवाद को बढ़ावा मिला।
निदेशिका श्रीमती पूनम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि एनईपी 2020 शिक्षक को मात्र ज्ञानदाता नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माता के रूप में स्थापित करती है। उन्होंने निरंतर व्यावसायिक विकास, तकनीकी समावेशन तथा समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। प्राचार्य डॉ. तिवारी ने प्रशिक्षकों और सभी शिक्षकों को सफल आयोजन के लिये बधाई देते हुए इसे विद्यालय की शैक्षिक यात्रा का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। सामूहिक भोज और राष्ट्रगान के साथ इस प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक प्रशिक्षण कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।








