जमुना कोतमा जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत धूम्मा में सचिव सुषमा रानी पांडे के कार्यों को लेकर पूर्व में मीडिया में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित हुए थे इन्हीं मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यालय जनपद पंचायत अनूपपुर द्वारा आदेश क्रमांक 211/ज.प./स्था./2026 दिनांक 09.02.2026 जारी कर सचिव को ‘लाइन अटैच’ करते हुए जांच दल गठित किया गया था
आदेश में शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे शिकायत सरपंच हेमवती सिंह द्वारा की गई थी, जिसमें पंचायत कार्यों में अनियमितता एवं विकास कार्यों में बाधा का उल्लेख था
25 फरवरी को हुई जांच, निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न
दिनांक 25 फरवरी 2026 को जांच अधिकारी आदेश टोप्पो, इंस्पेक्टर जनपद पंचायत अनूपपुर बदरा, ग्राम पंचायत भवन धूम्मा पहुंचे जांच के दौरान सरपंच हेमवती सिंह, सचिव सुषमा रानी पांडे के साथ नरेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मदन सिंह, छोटेलाल सिंह, देव सिंह, लखन सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, दीपक सिंह, इंद्रपाल सिंह एवं लोकनाथ सिंह सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे
ग्रामीणों का आरोप है कि जांच के दौरान उन्होंने सचिव के विरुद्ध खुलकर अपनी बातें रखीं, लेकिन उनकी आपत्तियों को पंचनामा या जांच रिपोर्ट में समुचित रूप से दर्ज नहीं किया गया उपस्थित लोगों का कहना है कि पूरी कार्यवाही औपचारिकता तक सीमित रही और गोलमोल जवाब देकर प्रक्रिया पूरी कर ली गई मौके पर मौजूद ग्रामीणों द्वारा जांच की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किए जाने की बात सामने आई है
चुनिंदा लोगों को बुलाने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान शिकायत से जुड़े पक्ष-विपक्ष के कुछ चुनिंदा व्यक्तियों को ही बुलाया गया, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं सचिव पर यह भी आरोप है कि वे अपने पति के माध्यम से ठेकेदारी कार्य करवाने का प्रयास कर रही थीं, जिसका सरपंच द्वारा विरोध किया गया हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही संभव होगी
सरपंच की नाराजगी, इस्तीफे का संकेत
आदिवासी सरपंच हेमवती सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उन्हें विकास कार्यों में स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं करने दिया गया तो वे पद से इस्तीफा देने पर विचार करेंगी उनका कहना है कि जनता ने उन्हें गांव के विकास के लिए चुना है, लेकिन प्रशासनिक विवादों के कारण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं
जांच अधिकारी का पक्ष
जांच अधिकारी आदेश टोप्पो ने कहा कि वे समस्त तथ्यों के आधार पर जांच प्रतिवेदन तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे और अंतिम निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लिया जाएगा
फिलहाल पूरे मामले ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं अब देखना यह होगा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या ठोस कार्रवाई होती है

