बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में डिप्टी रेंजर का सुसाइड अटेंप्ट, विभाग में मचा हड़कंप
कृष्ण कुमार उपाध्याय मानपुर बांधवगढ़ उमरिया
पूरी दुनिया में बाघों के लिए मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (BTR) से शुक्रवार रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। ताला कोर जोन में पदस्थ डिप्टी रेंजर लल्लू लाल दीक्षित ने कुएं में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। अचानक हुई इस घटना से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, घटना की जानकारी मिलते ही फॉरेस्ट टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर दीक्षित को कुएं से बाहर निकाला और उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर लाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया।
मानपुर सीएचसी के ड्यूटी डॉक्टर ने बताया कि मरीज के वाइटल्स अप-डाउन कर रहे थे। हालांकि शरीर पर किसी गंभीर चोट के निशान नहीं मिले, केवल ठोड़ी पर हल्की चोट दिखाई दी, जो कुएं में गिरने से लग सकती है।
विभागीय प्रताड़ना की आशंका
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मीडिया कर्मियों ने जब विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेनी चाही तो कई कर्मचारी और अफसर भड़क उठे। इससे इस बात की चर्चा और तेज हो गई कि कहीं विभागीय दबाव या प्रताड़ना के कारण दीक्षित ने यह कदम तो नहीं उठाया। सूत्रों के मुताबिक, बीते कई दिनों से वे अधिकारियों के व्यवहार से काफी परेशान बताए जा रहे थे।
प्रबंधन ने दी सफाई
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय और एसडीओ ने इन अटकलों को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह केवल एक अप्रत्याशित घटना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग पूरी गंभीरता से मामले की जांच कर रहा है और फिलहाल दीक्षित के होश में आने का इंतजार है, ताकि सही परिस्थितियां सामने आ सकें।
देर रात अफरा-तफरी
घटना की सूचना मिलते ही रात करीब 12 बजे तक पार्क प्रबंधन का पूरा अमला मानपुर अस्पताल और क्षेत्र में सक्रिय दिखाई दिया। हर अधिकारी इस मामले को लेकर अलर्ट मोड पर रहा।
जांच के बाद ही सामने आएगा सच
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर किन परिस्थितियों में डिप्टी रेंजर ने इतना बड़ा कदम उठाया। विभाग ने मामले की सूक्ष्म जांच के आदेश दिए हैं। दीक्षित के होश में आने के बाद ही इस पूरे घटनाक्रम का असली कारण सामने आ सकेगा।


















