कोतमा में रसोई गैस का गहरा संकट, कालाबाजारी चरम पर — महिलाएं फिर चूल्हा जलाने को मजबूर
कोतमा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में एचपी गैस की भारी किल्लत इन दिनों आमजन के लिए बड़ी समस्या बन गई है। स्थिति यह है कि सुबह से शाम तक उपभोक्ता गैस के लिए भटकते रहते हैं, परंतु गैस उपलब्ध न होने से अधिकांश परिवारों को चूल्हा फूंककर धुएं में खाना बनाने को विवश होना पड़ रहा है
इधर गैस की कमी का फायदा उठाते हुए कालाबाजारी करने वाले जमकर सक्रिय हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों को खुलेआम बड़े होटलों, चाय–नाश्ता दुकानों और डेयरियों में उपयोग किया जा रहा है। गांधी चौक, स्टेशन चौक, रेलवे फाटक रोड, आजाद चौक, बस स्टैंड और सब्जी मंडी क्षेत्र में संचालित होटलों में घरेलू गैस का धड़ल्ले से उपयोग देखने को मिल रहा है नागरिकों का आरोप है कि खाद्य विभाग की अनदेखी व मिलीभगत के कारण किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही
पिछले एक माह से गैस संकट झेल रहे नगर के अशोक सेन, राबिया बेगम और साबिर अली ने बताया कि प्रतिदिन कई बार फोन लगाने के बावजूद गैस उपलब्ध होने से मना कर दिया जाता है, जबकि बाजार में 1100 से 1500 रुपये में गैस की अवैध बिक्री हो रही है। इसमें गैस सप्लाई वाहन चालकों और डिलीवरी मैन की साठगांठ की भी आशंका जताई गई है
महिलाओं ने जिला कलेक्टर से कोतमा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जारी गैस कालाबाजारी पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके


















