संविधान दिवस पर सीटू ने कुकुरगोडा में की बैठक
जुगुल राठौर बोले – श्रम संहिताएँ मजदूरों को कमजोर करने का हथियार
जैतहरी। संविधान दिवस के अवसर पर सीटू द्वारा ग्राम पंचायत कुकुरगोडा में आयोजित बैठक में कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने संविधान के महत्व और केंद्र सरकार की मजदूर–किसान विरोधी नीतियों पर गहरा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि 29 श्रम कानून खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड मजदूरों की नौकरी सुरक्षा, वेतन अधिकार और यूनियन बनाने की आज़ादी को कमजोर करते हैं।
उन्होंने कहा कि फिक्स्ड टर्म रोजगार, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग और निजीकरण को बढ़ावा देकर श्रमिकों को स्थायी रोजगार से दूर किया जा रहा है। निरीक्षण अधिकारों की कटौती, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की औपचारिकता और हड़ताल पर अंकुश श्रमिकों को कमजोर बनाने की साजिश है।
किसानों और ग्रामीणों को वन्यजीवों के उत्पात से हो रहे नुकसान पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जहाँ 28 हजार रुपये मुआवजा तय है वहाँ केवल 8 हजार का भुगतान कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कई किसानों—महालाल सिंह, हरिसिंह, बाबूलाल सिंह, चैन सिंह, नान साय—की फसलें और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ, लेकिन उचित जांच तक नहीं की गई।
राठौर ने कहा कि आदिवासी बहुल ग्राम कुकुरगोडा में 99 प्रतिशत घर अब भी कच्चे हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से लोग वंचित हैं, जिसका कारण प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की लापरवाही है। उन्होंने ग्रामवासियों से अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष का रास्ता अपनाने की अपील की।
बैठक को माकपा जिला समिति सदस्य रामाधार सिंह राठौर और युवा नेता विकास सिंह राठौर ने भी संबोधित किया तथा संविधान दिवस की शुभकामनाएँ दीं


















