कड़ाके की ठंड से बढ़ रही लोगों की परेशानी,बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की सलाह
एमसीबी। जिले में इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। लगातार गिरते तापमान के कारण सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को हो रही है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में इजाफा होने की आशंका है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, सांस की दिक्कत, जोड़ों के दर्द और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सुबह-शाम की ठंडी हवा से बचाना जरूरी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि अनावश्यक रूप से घर से बाहर ना निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो ऊनी कपड़े, जैकेट, टोपी, मफलर, मोजे और दस्ताने पहनकर ही निकलें। बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने या खेलने से रोकें और उन्हें पूरी तरह गर्म कपड़ों में रखें।
खान-पान को लेकर उन्होंने कहा कि ठंड में गर्म और पौष्टिक भोजन का सेवन बेहद जरूरी है। सूप, दाल, दूध, हल्दी वाला दूध, काढ़ा, अदरक-तुलसी की चाय शरीर को गर्म रखने में सहायक होती है। ठंडे पेय पदार्थों और ठंडे पानी से परहेज करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि लोग गुनगुने पानी का उपयोग करें। हल्का व्यायाम करें और धूप जरूर लें। हीटर या अलाव का उपयोग करते समय कमरे में हवा की पर्याप्त व्यवस्था रखें ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अविनाश खरे ने अपील की कि यदि किसी को तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या सीने में दर्द महसूस हो तो लापरवाही ना बरतें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। समय पर सावधानी और सतर्कता अपनाकर ठंड के मौसम में स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।










