कोतमा/अनूपपुर।
जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरौद्ध में तालाब निर्माण के नाम पर गंभीर अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि पंचायत में पहले लगाए गए छोटे-छोटे हरे पेड़-पौधों को उजाड़कर उसी भूमि पर तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत से किया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत एजेंसी द्वारा जनपद के यंत्री-उपयंत्री की कथित सहमति से निर्माण कार्य शुरू कराया गया। आरोप यह भी है कि कई कार्य बिना मास्टर रोल निकाले और बिना मूल्यांकन के कराए जा रहे हैं, जबकि बाद में बंद कमरे में बैठकर ऐसे मजदूरों के नाम से फर्जी मास्टर तैयार किए जाते हैं, जो न तो काम पर जाते हैं और न ही पंचायत क्षेत्र में रहते हैं।
बताया गया कि अगस्त 2025 में पूरे प्लॉट में लगे यूकेलिप्टस (लिप्टीस) के पेड़ों के ऊपर ही खेत-तालाब का काम शुरू करा दिया गया। इस पर सवाल उठने पर रोजगार सहायक ने दावा किया कि जीओ-टैगिंग के समय वहां पेड़ नहीं थे। वहीं, हितग्राही के कथित बयान ने भी विवाद को और बढ़ा दिया है।
इधर, पंचायत सचिव ने निर्माण स्थल पर जाने और समय सुधारने की बात कही है, जबकि सरपंच ने जानकारी न होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पूरे मामले ने पंचायत स्तर पर निगरानी, पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


















