कोतमा के बैंकों में दलालों का बोलबाला, लोन प्रक्रिया पर सवाल—ग्राहक परेशान
कोतमा। नगर के विभिन्न बैंकों के अंदर व बाहर लगातार दलालों की सक्रियता देखी जा रही है। बैंक में लोन कराने आने वाले उपभोक्ताओं को दलाल अपने जाल में फँसाकर मोटी रकम वसूल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बैंक कर्मचारियों और बिचौलियों की मिलीभगत से बैंकिंग व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है
बैंक कर्मचारियों के टेबल के सामने दिनभर दलालों की मौजूदगी आम बात बन चुकी है। बढ़ती अव्यवस्था के कारण व्यापारी, किसान और आम नागरिकों के लिए लोन प्राप्त करना मुश्किल होता जा रहा है। मजबूरी में कई लोग दलालों के जरिए ही लोन पास कराने को विवश हैं
स्थानीय व्यवसायियों और किसानों का आरोप है कि अब लोन की प्रक्रिया बैंक काउंटर से नहीं, बल्कि दलालों के माध्यम से संचालित हो रही है। मुद्रा लोन, पीएम स्वनिधि, कृषि लोन, होम लोन सहित अन्य कार्यों में भी अनधिकृत लोगों का दखल बढ़ता जा रहा है
एक किराना व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सभी दस्तावेज एवं सिबिल स्कोर सही होने के बावजूद बैंक अधिकारियों द्वारा महीनों तक चक्कर लगवाया गया वहीं कपड़ा व्यवसायी अनुज जैन का कहना है कि बैंक कर्मचारी और दलालों का मजबूत गठजोड़ है। बिना बिचौलिये के आवेदन महीनों तक लटके रहते हैं, जबकि दलाल कमीशन सेट कर तुरंत काम करा देते हैं
नगर के सभी बैंकों में लगे कैमरों और लगातार मौजूद दलालों के बावजूद कोई कार्यवाही न होना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस विभाग और बैंक प्रबंधन से जांच की मांग की है
इस संबंध में थाना प्रभारी कोतमा रत्नांबर शुक्ल ने कहा कि—
“किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। बैंकों का औचक निरीक्षण कर संदिग्धों की पहचान की जाएगी
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि और अन्य सरकारी योजनाओं का उद्देश्य लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है, लेकिन बैंकों में व्याप्त दलाली के कारण पात्र लाभार्थी वंचित हो रहे हैं


















