बैंक मैनेजरों की बैठक में फ्रॉड, म्यूल अकाउंट और बढ़ते साइबर जोखिमों पर विस्तृत चर्चा
एमसीबी। सरगुजा रेंज में बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देश तथा पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह के मार्गदर्शन में मनेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विवेक पाटले ने क्षेत्र के सभी बैंक मैनेजरों को थाना परिसर में आमंत्रित कर साइबर क्राइम के विभिन्न पहलुओं, नई तकनीकों और रोकथाम पर गहन चर्चा की।
निरीक्षक पाटले ने बैंक मैनेजरों को फिशिंग, व्हाट्सऐप वीडियो कॉल फ्रॉड, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी, ओटीपी ट्रैप, फर्जी कस्टमर केयर नंबर, लिंक शेयरिंग, यूपीआई फ्रॉड और सोशल मीडिया वित्तीय धोखाधड़ी जैसी बढ़ती घटनाओं के बारे में अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने “म्यूल अकाउंट” (Money Mule Account) के खतरों पर विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को लालच देकर या भ्रमित कर उनके बैंक खातों का उपयोग पैसों की हेराफेरी के लिये करते हैं। ऐसे खाते कानूनी रूप से गंभीर अपराध की श्रेणी में आते हैं और खाते का मालिक स्वयं भी अपराध का भागीदार माना जाता है। कई बार लोग अनजाने में किसी के कहने पर अपने खाते से लेन-देन कर देते हैं जो बाद में बड़ी कानूनी परेशानी का कारण बन जाता है। बैठक में बैंक मैनेजरों ने अपने-अपने शाखाओं में सामने आये साइबर फ्रॉड मामलों और ग्राहकों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी साझा की। अधिकांश ने बताया कि लोग बिना पुष्टि किये लिंक पर क्लिक कर लेते हैं और अपनी बैंक जानकारी साझा कर देते हैं जिससे खाते जोखिम में पड़ जाते हैं।
निरीक्षक पाटले ने सभी बैंक मैनेजरों को निर्देशित किया कि किसी भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन के मामले में या धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत थाना या साइबर सेल को सूचित करें। समय पर सूचना मिलने से पीड़ितों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सकता है। बैठक में यह भी सहमति बनी कि बैंक शाखाओं में साइबर सुरक्षा के पोस्टर, एलईडी संदेश और नोटिस बोर्ड लगाये जायेंगे। बैंक स्टाफ ग्राहकों को नियमित रूप से जागरूक करेंगे। म्यूल अकाउंट के कानूनी खतरों के बारे में विशेष जानकारी दी जायेगी।
एमसीबी पुलिस ने आम नागरिकों को जानकारी देते हुए कहा की किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक अकाउंट, एटीएम, पासबुक या यूपीआई आईडी कभी शेयर ना करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते से लेन-देन ना करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑफर पर विश्वास ना करें। केवाईसी अपडेट केवल बैंक शाखा में ही करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाना या साइबर सेल को दें। एमसीबी पुलिस ने बताया कि आने वाले समय में डिजिटल साक्ष्य संकलन और तकनीकी निगरानी को और मजबूत किया जायेगा।
मनेंद्रगढ़ में आयोजित यह बैठक साइबर अपराधों से निपटने में पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए आम जनता के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित होगी।


















