कोतमा में आर्यिका 105 सूत्रमति माताजी का मंगल प्रवेश, जैन समाज ने पुष्पवर्षा कर किया भव्य स्वागत
कोतमा। सोमवार को नगर में आर्यिका 105 सूत्रमति माताजी का मंगल प्रवेश हुआ। उनके आगमन पर सकल जैन समाज बड़ी संख्या में उमड़ पड़ा। आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज एवं 108 समयसागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका रत्न 105 माताजी के साथ 105 शीतलमति माताजी, कर्तव्यमति माताजी एवं 105 श्रुतमति माताजी भी विहाररत रहीं
दोपहर 3 बजे बदरा हाईवे बाईपास पर माताजी की भाग्य अगवानी की गई। जैन समाज के सभी वर्गों द्वारा पुष्पवर्षा, बाजे–गाजे एवं पारंपरिक उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया। नगर में माताजी के आगमन से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया
जानकारी के अनुसार, मालथान में चातुर्मास पूर्ण कर माताजी सागर, कुंडलपुर, कटनी, शहडोल एवं अनूपपुर होते हुए कोतमा पहुंचीं। सुबह से ही नगर में भारी उत्सुकता का माहौल रहा। आजाद चौक में बड़े पैमाने पर जैन समाज एवं अन्य धर्मों के लोग माताजी के दर्शन हेतु एकत्रित हुए। विभिन्न स्थानों पर रंगोली बिछाकर स्वागत किया गया। भजनों की भक्तिमय धुनों ने नगर को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया
तेज ठंड के बावजूद माताजी तथा साथ चल रही आर्यिकाएं प्रतिदिन 20–25 किलोमीटर का विहार कर रही हैं। कोतमा आगमन पर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में सत्संग व धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए माताजी के दर्शन से मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी यात्रा झारखंड के प्रमुख जैन तीर्थ सम्मेद शिखर की ओर जारी है

















