अमरकंटक आश्रम विवाद में एक दूसरे पर जानलेवा हमला
अनसुईया आश्रम में मारपीट कांड , पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
– श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली/पवित्र नगरी अमरकंटक नगर परिषद क्षेत्रांतर्गत वार्ड क्रमांक 7 बांधा कपिलधारा मार्ग स्थित अनसुईया आश्रम में शुक्रवार 13 फरवरी 2026 की रात्रि लगभग 8 से 9 बजे के आसपास आश्रम विवाद ने हिंसक रूप ले लिया । प्राप्त जानकारी अनुसार शिवरात्रि के पावन पर्व पर आश्रम में भंडारा करने हेतु साधु अनसुईया दास महाराज ने अपने चार-पांच सहयोगियों के साथ आश्रम पहुंचे हुए थे । आश्रम में पहुंचने पर आपसी विवाद शुरू हो गया जिसकी सूचना प्रीति कुशवाहा ने अपने पति को दी जो उस समय ऑटो वाहन से यात्रियों को घुमा रहे थे । सूचना मिलते ही आदित्य कुशवाहा मौके पर पहुंचे जहां विवाद चल रहा था । उनके पहुंचने पर विवाद और बढ़ा जिस पर लाठी ठंडे और हथियार चलने की जानकारी बताई गई । जिससे दोनों पक्षों में खूब मारपीट जैसी स्थिति बनी ।
दोनों पक्षों में हुए घायल अवस्था में दोनों पक्ष सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में पहुंच प्राथमिक उपचार किया गया ।
आदित्य कुशवाहा की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर किया गया ।
पुलिस थाना अमरकंटक में प्रकरण दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 296, 115(2), 118(1), 351(2) एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत अपराध कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी गई है । प्रकरण में अनसूया दास महाराज , उनकी पत्नी साध्वी शीला , पुत्र अजय दास , पुत्र शुभम दास सहित अन्य सहयोगियों के नाम सामने आए हैं ।
उल्लेखनीय है कि अनसुईया दास महाराज रिश्ते में आदित्य कुशवाहा के फूफा तथा शीला बुआ बताई जा रही हैं । परिजनों के अनुसार आश्रम खाली कराने को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा था जिसका प्रकरण पुष्पराजगढ़ में विचाराधीन बताया जा रहा है ।
आदित्य कुशवाहा ऑटो चालक हैं तथा उनके पुत्र-पुत्री स्थानीय विद्यालय में अध्ययनरत हैं ।
शीला कुशवाहा ने बताया कि कुछ वर्ष पूर्व आदित्य कुशवाहा को आश्रम में कुछ समय के लिए आश्रय हेतु कमरा दिया गया था लेकिन वे अब आश्रम पर पूर्ण कब्जा मानकर जगह खाली नहीं कर रहे जिसकी कोर्ट में भी केस चल रहा है । अमरकंटक पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है ।









