नए श्रम कानून मजदूरों की कमर तोड़ने वाले, 12 फरवरी की हड़ताल बेहद जरूरी : श्रीकांत शुक्ला
जमुना–कोतमा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर कोयला श्रमिकों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में कोयला मजदूर सभा, जमुना–कोतमा क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ला के नेतृत्व में जमुना–कोतमा क्षेत्र के एओसीपी (AOCP) एवं बरतराई परियोजना में गेट मीटिंग आयोजित की गई, जहां श्रमिकों को हड़ताल के उद्देश्य और नए श्रम कानूनों के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई।
गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए श्रम कानून मजदूरों के अधिकार छीनने वाले हैं। इनसे 8 घंटे की कार्य-सीमा समाप्त हो जाएगी और बिना ओवरटाइम 12 से 16 घंटे तक काम लिया जा सकेगा। संडे, ओवरटाइम, तिमाही व वार्षिक बोनस जैसी सुविधाएं समाप्त होने का खतरा है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन को बिना ठोस कारण नौकरी से पृथक करने की खुली छूट मिल जाएगी, जबकि मजदूर के पास न्यायिक संरक्षण कमजोर होगा। इंक्रीमेंट, पदोन्नति, अवकाश, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं भी प्रभावित होंगी।
शुक्ला ने श्रमिकों से अपील की कि एओसीपी और बरतराई सहित पूरे जमुना–कोतमा क्षेत्र में 12 फरवरी की हड़ताल को एकजुट होकर सफल बनाएं, ताकि मजदूरों के अधिकारों की मजबूती से रक्षा की जा सके।









