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बहगढ़ बीट, जैतपुर परिक्षेत्र में अनुभूति कार्यक्रम का आयोजन, बच्चों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

By Santosh Chaurasiya

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रोहित शर्मा

 

रसमोहनी बहगढ़ बीट अंतर्गत जैतपुर वन परिक्षेत्र में पर्यावरण जागरूकता को लेकर अनुभूति कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम “हम हैं धरती के दूत और मैं भी बाघ” रखी गई, जिसका उद्देश्य बच्चों और आमजन में प्रकृति, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना रहा। इस अवसर पर मॉडल स्कूल भटिया के 108 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रकृति से जुड़कर सीखने का अनूठा अनुभव प्राप्त किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को जंगल, वन्यजीव, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बच्चों को बताया कि किस प्रकार पेड़-पौधे, वन्य प्राणी और मानव जीवन एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बच्चों को बाघ जैसे प्रमुख वन्यजीवों की भूमिका समझाई गई और यह संदेश दिया गया कि बाघ का संरक्षण ही जंगल और पर्यावरण का संरक्षण है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की ‘मिशन लाइफ’ (Lifestyle for Environment) पहल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों और उपस्थित लोगों को बताया गया कि मिशन लाइफ का उद्देश्य दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव कर पर्यावरण को बचाना है, जैसे—प्लास्टिक का कम उपयोग, जल संरक्षण, ऊर्जा की बचत, पौधारोपण और स्वच्छता को अपनाना। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि यदि हर व्यक्ति अपनी जीवनशैली में पर्यावरण के अनुकूल आदतें अपनाए, तो धरती को सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम में विधायक जय सिंह मरावी एवं कलेक्टर केदार सिंह की विशेष उपस्थिति रही। दोनों अतिथियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के बच्चे ही कल के भविष्य हैं और यदि उन्हें अभी से पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया जाए, तो आने वाली पीढ़ियां एक सुरक्षित और हरित पृथ्वी देख सकेंगी। विधायक जय सिंह मरावी ने कहा कि वन और वन्यजीव हमारे राज्य और देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। वहीं कलेक्टर केदार सिंह ने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के भीतर प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने नारे लगाए, पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की और यह संकल्प लिया कि वे अपने आसपास पेड़-पौधों की रक्षा करेंगे, पानी और बिजली की बचत करेंगे तथा प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करेंगे। बच्चों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखा गया और उन्होंने इसे एक यादगार अनुभव बताया।

अंत में वन विभाग द्वारा सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। अनुभूति कार्यक्रम ने न केवल बच्चों को प्रकृति से जोड़ा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि हम सभी धरती के दूत हैं और पर्यावरण की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।

इस मौके पर डीएफओ श्रद्धा पन्द्रे एसडीओ विनोद जाखड़ आइ एफ एस जसवंत सिंह आइ एफ एस एवं वन विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे

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