ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी धार
धार जिले के निकट सरदारपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम इंद्रावल भगवान विष्णु के चौथे
अवतार श्री नृसिंह भगवान के पावन स्मरण में प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी इंद्रावल में पारंपरिक एवं प्राचीन श्री नृसिंह भगवान मेला दिनांक 03 जनवरी 2026, शनिवार को पौष शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर प्रातः शुभारंभ के साथ आयोजित होगा।मंदिर समिति एवं ग्राम पंचायत इंद्रावल से प्राप्त जानकारी अनुसार सरपंच श्रीमती पवित्रा बाई, सरपंच प्रतिनिधि प्रदीप कटारे एवं ग्राम पंचायत सचिव शंकरलाल धाकड़ (दायमा) ने बताया कि यह मेला प्राचीन काल से मंदिर प्रांगण में परंपरागत रूप से लगता आ रहा है, जिसकी व्यवस्थाएँ ग्राम पंचायत द्वारा की जाती हैं। इसमें व्यापारियों को निःशुल्क दुकान लगाने हेतु स्थान, बिजली एवं पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जबकि मंदिर समिति द्वारा संपूर्ण आयोजन की सुचारु देखरेख की जाती है।मेले में खिलौने, बर्तन, कपड़े, खाद्य सामग्री, फल-सब्ज़ी सहित रोज़मर्रा की आवश्यक वस्तुओं की दुकानें लगेंगी, वहीं बच्चों के मनोरंजन हेतु झूला-चकरी भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।मंदिर के पुजारी रामप्रसाद शर्मा ने बताया कि यह मंदिर अति प्राचीन एवं स्वयंभू प्रकट है, जहाँ भक्त प्रह्लाद की प्रतिमा में साक्षात नृसिंह अवतार की झलक प्रतीत होती है। दर्शन के लिए दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचते हैं।मेले के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में डीएसपी श्री गगन हंनवत की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।यह मेला तीन दिवसीय रहेगा, वहीं मेले से पूर्व भी अनेक दुकानें लगना प्रारंभ हो जाती हैं। मेला स्थल तक पहुँचना अत्यंत सरल है—चिराख़ान से 5 किलोमीटर पूर्व तथा नागदा–कानवन फ़ोरलेन से लगभग 15 किलोमीटर पश्चिम चलकर ग्राम इंद्रावल स्थित नृसिंह मंदिर मेला मैदान पहुँचा जा सकता है। पर्याप्त स्थान एवं सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती, साथ ही स्थल प्राकृतिक दृष्टि से भी अत्यंत मनोहारी है।


















