संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा जी की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक जो मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल में मानव सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण देखने को मिल रहा है । बहुजन हिताय–बहुजन सुखाय की भावना से कार्यरत स्थानीय कल्याण सेवा आश्रम में सेवानिवृत्त चिकित्सक डॉ. आशुतोष पाठक एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कामना पाठक नर्मदा परिक्रमा कर रहे गरीब , दीन-हीन और असहाय परिक्रमा वासियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कर मानव सेवा का अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं ।
मां नर्मदा की परिक्रमा में दूर-दराज क्षेत्रों से आए अनेक श्रद्धालु यात्रा के दौरान बीमार पड़ जाते हैं और उपचार के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं । गत दिनों लगभग 25 से 30 बीमार परिक्रमा वासी उपचार की तलाश में परेशान हो रहे थे । इस स्थिति को देखते हुए कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंधक स्वामी श्री हिमाद्री मुनि जी महाराज ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तत्काल डॉ. पाठक दंपति से संपर्क कर उनका परीक्षण एवं उपचार कराने का अनुरोध किया ।
डॉ. पाठक एवं श्रीमती पाठक ने तत्परता दिखाते हुए सभी बीमार परिक्रमा वासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा आवश्यक दवाइयों के साथ उनका निःशुल्क उपचार किया ।
उल्लेखनीय है कि डॉ. आशुतोष पाठक जिला चिकित्सालय पेंड्रा-गौरेला-मरवाही से सेवानिवृत्त हैं जबकि उनकी पत्नी श्रीमती कामना पाठक वर्तमान में जिला चिकित्सालय पेंड्रा-गौरेला में अपनी सेवाएं दे रही हैं । जब भी उन्हें अवकाश मिलता है , तब दोनों दंपति अमरकंटक पहुंचकर गरीब असहाय और जरूरतमंद लोगों का निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार करते हैं ।
इसी क्रम में गुरुवार 5 मार्च 2026 को भी संध्याकाल कल्याण सेवा आश्रम परिसर में उपस्थित परिक्रमा वासियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया । पाठक दंपति का यह सेवा कार्य न केवल मानवता की मिसाल है बल्कि नर्मदा परिक्रमा पर आए अनेक श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा सहारा भी साबित हो रहा है ।
