
झूठी शिकायत कर फंसाने की कोशिश, निष्पक्ष जांच की उठी मांग
अमरकंटक/अनूपपुर
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) अमरकंटक एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर नयन साहू के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर अब इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई बताया जा रहा है। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है
जानकारी के अनुसार अमरकंटक थाना क्षेत्र अंतर्गत पोंडकी स्थित आईजीएनटीयू में बीते कुछ समय से अनुशासनहीनता, दबंगई और गुटबाजी के आरोप सामने आते रहे हैं। आरोप है कि कुछ स्थानीय प्रभावशाली छात्रों द्वारा शिक्षा के बजाय दबाव, नेतागिरी और मनमानी का माहौल बनाया जा रहा है, जिसका असर विश्वविद्यालय प्रबंधन, कर्मचारियों, पत्रकारों और पुलिस तक पर पड़ रहा है
प्रोफेसर नयन साहू पर हाल ही में लगाए गए आरोपों की पड़ताल के बाद यह सामने आया है कि वे भी इसी आंतरिक राजनीति का शिकार हुए हैं। विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं, पूर्व छात्रों एवं अन्य लोगों से बातचीत के बाद यह दावा किया जा रहा है कि प्रोफेसर नयन साहू का व्यवहार सौम्य एवं शालीन रहा है। आरोप है कि कुछ छात्रों द्वारा बैक न लगने के दबाव में सुनियोजित तरीके से उनके खिलाफ शिकायतें कराई गईं, जिसमें कथित तौर पर प्रबंधन के कुछ अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है
घटना का संदर्भ देते हुए बताया गया कि पूर्व में विश्वविद्यालय परिसर में एक पुलिस अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं। इसी का परिणाम है कि अब शिक्षक भी निशाने पर आ रहे हैं
मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन, शासन-प्रशासन और पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि प्रोफेसर नयन साहू पर लगाए गए आरोपों की हर पहलू से निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और विश्वविद्यालय में चल रही कथित राजनीति पर अंकुश लगाया जा सके। साथ ही यह भी कहा गया है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति होती रहेगी, जिससे शिक्षा का माहौल प्रभावित होगा


















