पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने उठाए प्रशासनिक मनमानी पर सवाल
एमसीबी। जिले में तीन शासकीय कर्मचारियों के निलंबन मामले में सरगुजा कमिश्नर ने कलेक्टर डी. राहुल वेंकट द्वारा की गई कार्यवाही को निरस्त कर दिया है। कमिश्नर के आदेश के बाद तीनों कर्मचारियों को उनके पूर्व पदस्थापना स्थल पर पुनः बहाल कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार हड़ताल के दौरान समर्थन मांगने के आरोप में तीनों शासकीय कर्मचारियों को निलंबित किया गया था। सरगुजा कमिश्नर ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि इस आधार पर की गई निलंबन कार्यवाही नियमसम्मत नहीं है तथा यह कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है। इस प्रकरण को लेकर पूर्व विधायक एवं छत्तीसगढ़ ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रांताध्यक्ष गुलाब कमरो ने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि निलंबन की कार्यवाही एकतरफा एवं द्वेषपूर्ण थी और इसे शुरू से ही वापस लिया जाना चाहिये था। उन्होंने कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचकर समर्थन भी दिया था।
निलंबन निरस्त होने के बाद गुलाब कमरो ने इसे कर्मचारी एकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की जीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्यवाही नहीं होती जबकि कर्मचारियों पर त्वरित रूप से कठोर कदम उठाये जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर वे मुख्य सचिव से औपचारिक रूप से शिकायत कर कलेक्टर की भूमिका की जांच की मांग करेंगे।
इधर आदेश के बाद कर्मचारी संगठनों में संतोष का माहौल है। कर्मचारियों एवं फेडरेशन पदाधिकारियों ने पूर्व विधायक गुलाब कमरो से उनके निवास पर मुलाकात कर समर्थन के लिये आभार जताया। इस घटनाक्रम को जिले में प्रशासनिक मनमानी पर रोक और कर्मचारी अधिकारों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


















