ब्यूरो रिपोर्ट शैलेंद्र जोशी
धार जिले के किसान विजय पाटीदार ने आईडीएफसी बैंक से केसीसी लिमिट करवाई थी केसीसी लिमिट के पीछे उनकी मंशा यह थी कि मैं समय पर बैंकों को भुगतान कर दूंगा मेरी बंधक जमीन को वापस छुड़वा लूंगा और अन्य कोई बड़ा प्रोजेक्ट करूंगा तो फिर से बंधक जमीन को रखकर कोई बड़ा लोन ले सकूंगा आज से तकरीबन 45 दिन पहले उन्होंने बैंक में समस्त प्रकार की रकम जमा कर दी उसके बाद भी अभी तक उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है कि अब आपके ऊपर बैंक का किसी भी प्रकार का कर्ज बाकी नहीं है इसमें सबसे बड़ी परेशानी यह हो रही है कि जब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा तब तक अन्य किसी भी बैंक से या अन्य कहीं भी जगह से अपनी किसान क्रेडिट कार्ड की जो लिमिट है उसको बढ़ावा नहीं पा रहा है उसकी फसल सूख रही है उसका प्रोजेक्ट तबाह हो रहा है उसकी आंखों में आंसू है आज इस किसान ने एक अनोखा तरीका अपनाते हुए बैंक के मुख्य अधिकारियों को जगाने के लिए ढोल ताशा के साथ बैंक में प्रवेश किया तथा ढोल बजाकर प्रतीकात्मक रूप से बैंक के कर्मचारियों को जगाने का काम किया कि अब आपकी मनमानी नहीं चलेगी अब आपको आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य करना होगा यदि किसान ने अपना भुगतान पूर्ण कर दिया है तो 15 दिवस में आरबीआई की गाइडलाइन के अनुसार उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करना होता है यदि बैंक ऐसा नहीं करता है तो बैंकिंग लोकपाल में इसकी शिकायत की जा सकती






