कठौतिया में तीन दिवसीय योग शिविर का विधिवत समापन
योग की अब बन चुकी है अंतरराष्ट्रीय पहचान – उपाध्याय
कठौतिया में तीन दिवसीय योग शिविर का विधिवत समापन
मनेन्द्रगढ़। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के अंतर्गत पतंजलि योग समिति द्वारा संचालित त्रिदिवसीय योग और प्राणायाम प्रशिक्षण शिविर का विधिवत समापन पूर्व माध्यमिक शाला कठौतिया के प्रांगण में उत्साहपूर्वक किया गया। शिविर में शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना से चयनित लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। शिविर के मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने विद्यार्थियों को योग एवं प्राणायाम की विस्तृत जानकारी देते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से योग की परंपरा रही है जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में योग को स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपनाया जा रहा है।
*प्राणायाम की आठ प्रक्रियाओं की दी जानकारी*
योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने प्राणायाम की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और जीवनशैली से जुड़ी अनेक समस्याओं में लाभ मिल सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मोटापा, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, कब्ज, गैस, अम्ल-पित्त, श्वास संबंधी समस्याएं, एलर्जी, माइग्रेन आदि में योगाभ्यास के संभावित लाभों पर प्रकाश डाला। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को सूक्ष्म व्यायाम के साथ-साथ भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, उज्जायी, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं उद्गीत प्राणायाम का नियमित अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों में योग के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
*योग प्रदर्शन ने बढ़ाया उत्साह*
समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन के गोल्ड मेडलिस्ट युवा योग प्रशिक्षक विवेक कुमार तिवारी ने योगासन का आकर्षक एवं संतुलित प्रदर्शन कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। प्रशिक्षण शिविर में एमसीबी योग सेवा समिति की महिला इकाई से रूपा पोद्दार, कल्पना सिंह राजपूत, अर्चना अग्रवाल और योग साधिका अर्चना सेजपाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. नसीमा बेगम अंसारी, रंजीत मणि, सुशील कुमार एवं अनुपा तिग्गा ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया।
*योग से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव*
योग साधिका अर्चना अग्रवाल और अर्चना सेजपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें शारीरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त हुए हैं। शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रावणी चक्रवर्ती के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में एनएसएस प्रभारी डॉ. नसीमा बेगम अंसारी ने कहा कि वरिष्ठ योग प्रशिक्षक द्वारा दी गई जानकारी अत्यंत उपयोगी है। यदि छात्र-छात्राएं इसे अपने जीवन में आत्मसात करें तो निश्चित रूप से निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पतंजलि योग सेवा समिति और एमसीबी योग सेवा समिति के सभी योग साधकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में महाविद्यालय के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। शिविर का संचालन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया। अंत में भारत माता की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
समापन अवसर पर डॉ. नसीमा बेगम अंसारी ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित इस तीन दिवसीय योग शिविर को आगामी वर्षों में सात दिवसीय किया जाना चाहिये ताकि छात्र-प्रशिक्षार्थियों को योग एवं प्राणायाम की गहन और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके और वे इसे अपने दैनिक जीवन में नियमित रूप से अपनाएं।
मनेन्द्रगढ़। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के अंतर्गत पतंजलि योग समिति द्वारा संचालित त्रिदिवसीय योग और प्राणायाम प्रशिक्षण शिविर का विधिवत समापन पूर्व माध्यमिक शाला कठौतिया के प्रांगण में उत्साहपूर्वक किया गया। शिविर में शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना से चयनित लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। शिविर के मुख्य प्रशिक्षक एवं जिला योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने विद्यार्थियों को योग एवं प्राणायाम की विस्तृत जानकारी देते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से योग की परंपरा रही है जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि आज विश्वभर में योग को स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपनाया जा रहा है।
*प्राणायाम की आठ प्रक्रियाओं की दी जानकारी*
योग प्रशिक्षक उपाध्याय ने प्राणायाम की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और जीवनशैली से जुड़ी अनेक समस्याओं में लाभ मिल सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मोटापा, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, कब्ज, गैस, अम्ल-पित्त, श्वास संबंधी समस्याएं, एलर्जी, माइग्रेन आदि में योगाभ्यास के संभावित लाभों पर प्रकाश डाला। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को सूक्ष्म व्यायाम के साथ-साथ भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, उज्जायी, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी एवं उद्गीत प्राणायाम का नियमित अभ्यास कराया गया। विद्यार्थियों में योग के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला।
*योग प्रदर्शन ने बढ़ाया उत्साह*
समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन के गोल्ड मेडलिस्ट युवा योग प्रशिक्षक विवेक कुमार तिवारी ने योगासन का आकर्षक एवं संतुलित प्रदर्शन कर उपस्थित जनों का मन मोह लिया। प्रशिक्षण शिविर में एमसीबी योग सेवा समिति की महिला इकाई से रूपा पोद्दार, कल्पना सिंह राजपूत, अर्चना अग्रवाल और योग साधिका अर्चना सेजपाल की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. नसीमा बेगम अंसारी, रंजीत मणि, सुशील कुमार एवं अनुपा तिग्गा ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत किया।
*योग से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव*
योग साधिका अर्चना अग्रवाल और अर्चना सेजपाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें शारीरिक एवं मानसिक लाभ प्राप्त हुए हैं। शासकीय विवेकानंद महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रावणी चक्रवर्ती के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में एनएसएस प्रभारी डॉ. नसीमा बेगम अंसारी ने कहा कि वरिष्ठ योग प्रशिक्षक द्वारा दी गई जानकारी अत्यंत उपयोगी है। यदि छात्र-छात्राएं इसे अपने जीवन में आत्मसात करें तो निश्चित रूप से निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने पतंजलि योग सेवा समिति और एमसीबी योग सेवा समिति के सभी योग साधकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में महाविद्यालय के शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। शिविर का संचालन वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय ने किया। अंत में भारत माता की जय के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।
समापन अवसर पर डॉ. नसीमा बेगम अंसारी ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत आयोजित इस तीन दिवसीय योग शिविर को आगामी वर्षों में सात दिवसीय किया जाना चाहिये ताकि छात्र-प्रशिक्षार्थियों को योग एवं प्राणायाम की गहन और व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हो सके और वे इसे अपने दैनिक जीवन में नियमित रूप से अपनाएं।









