परीक्षा के समय ‘आनंद उत्सव’ बना बच्चों की पढ़ाई का दुश्मन, बदरा जनपद में शिक्षा से खिलवाड़
जमुना | अनूपपुर
अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे तथाकथित “आनंद उत्सव” ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय फरवरी माह से स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, उसी समय बच्चों को पढ़ाई से जबरन दूर कर उत्सव के कार्यक्रमों, रैलियों और मंचीय आयोजनों में शामिल किया जा रहा है। इससे अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आनंद उत्सव नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ है। परीक्षा से ठीक पहले बच्चों को स्कूल की पढ़ाई से हटाकर कार्यक्रमों में लगाना उनके शैक्षणिक भविष्य पर सीधा प्रहार है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी और शिक्षक अपनी मूल जिम्मेदारी छोड़कर उत्सव में व्यस्त नजर आ रहे हैं, जबकि शिक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह नजरअंदाज की जा रही है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उत्सव मनाने में व्यस्त हैं, जबकि गांवों में शिक्षा, सड़क, पानी और अन्य मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या आनंद उत्सव बच्चों की शिक्षा से बड़ा हो गया है। अब सभी की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कब इस मामले में हस्तक्षेप कर बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देता है।








