8 कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर कोयला मजदूर सभा का ऐलान—6 मार्च से अमलाई ओसीएम में आंदोलन, एसपी को सौंपा ज्ञापन
शहडोल। अमलाई ओसीएम में कार्यरत आरकेटीसी कंपनी द्वारा 8 कर्मचारियों की कथित रूप से सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में कोयला मजदूर सभा ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। इसी क्रम में संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक शहडोल पहुंचे और पुलिस अधीक्षक महोदय को ज्ञापन सौंपकर 6 मार्च 2026 से प्रस्तावित आंदोलन की विधिवत सूचना दी। पदाधिकारियों ने प्रशासन को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन के लिए आवश्यक सुरक्षा एवं सहयोग की मांग भी की।
प्रतिनिधिमंडल में कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नीरज चतुर्वेदी, अध्यक्ष राकेश खान पांडे, एरिया जेसीसी सदस्य शिवनारायण मिश्रा, वेलफेयर बोर्ड सदस्य मनोज द्विवेदी, एरिया सेफ्टी बोर्ड सदस्य विनोद शर्मा, अमित सिंह, उपाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, सेफ्टी बोर्ड सदस्य गौरव गोरिया, प्रदीप पांडे, ठेका श्रमिक एरिया उपाध्यक्ष प्रदीप शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं श्रमिक शामिल रहे। सभी ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए बर्खास्त कर्मचारियों को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया।
महाप्रबंधक, सोहागपुर क्षेत्र, सीसीएल को संबोधित ज्ञापन में संगठन ने आरोप लगाया है कि अमलाई ओसीएम में कार्यरत आरकेटीसी कंपनी ने बिना ठोस कारण एवं नियमों का पालन किए 8 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल श्रम कानूनों के विरुद्ध है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों का भी हनन है।
संगठन के अनुसार, इस मामले में पूर्व में प्रबंधन को लिखित सूचना देकर कर्मचारियों की पुनर्बहाली की मांग की गई थी। प्रबंधन द्वारा 7 दिन में समाधान का आश्वासन दिया गया, किंतु समयसीमा पूरी होने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे संगठन और आम श्रमिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
कोयला मजदूर सभा ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 6 मार्च 2026 से अमलाई ओसीएम में चरणबद्ध आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। आंदोलन में पदाधिकारी, कर्मचारी, ठेका श्रमिक, मजदूरों के परिवारजन एवं उनके बच्चे भी शामिल होंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि आंदोलन पूर्णतः लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण होगा, किंतु अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
महामंत्री नीरज चतुर्वेदी ने कहा, “श्रमिकों की रोजी-रोटी से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रबंधन ने आश्वासन देकर समय लिया, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं किया। यदि 8 कर्मचारियों को शीघ्र बहाल नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उत्पादन प्रभावित होने या किसी प्रकार की आर्थिक क्षति की पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।”
संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि वह मामले में हस्तक्षेप कर श्रमिकों को न्याय दिलाए और कंपनी प्रबंधन से वार्ता कर समाधान निकाले, ताकि क्षेत्र में औद्योगिक शांति और सामाजिक सौहार्द बना रहे। श्रमिकों ने भी एक स्वर में कहा कि वे अपने साथियों के हक की लड़ाई अंत तक लड़ेंगे।
