शहडोल
_केशव राष्ट्रोत्थान समिति, शहडोल (मध्य प्रदेश)_ के तत्वावधान में दिनांक 30 दिसंबर 2025 से 4 जनवरी 2026 तक 5 दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन प्रातः 6:00am बजे से 9:00am बजे तक राजपूत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अमरहा में किया गया।
प्राकृतिक चिकित्सा एवं प्राकृतिक आहार प्रशिक्षण शिविर का आयोजन प्रातः 9:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक प्राकृतिक चिकित्सा एवं प्राकृतिक आहार का प्रशिक्षण दिया गया।
दिनांक 30 दिसंबर को सायंकाल शिविरार्थियों का पंजीकरण किया गया, जिसमें कुल 80 लोगों ने सहभागिता की। इनमें 42 बहनें, 23 भाई तथा 15 योग प्रशिक्षणार्थी सम्मिलित रहे। दिनांक 31 दिसंबर से शिविर में योगासन, प्राणायाम, प्राकृतिक उपचार एवं प्राकृतिक आहार का नियमित अभ्यास प्रारंभ किया गया। इस शिविर में डायबिटीज (शुगर), उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मोटापा, जोड़ों का दर्द, कमर व गर्दन दर्द, पेट संबंधी रोग, कब्ज, गैस, एसिडिटी, चर्म रोग, सिरदर्द, आंखों में जलन, अनिद्रा, तनाव सहित अन्य रोगों से पीड़ित लाभार्थियों को प्राथमिक प्राकृतिक उपचार प्रदान किया गया।
शिविर के दौरान नस्य क्रिया (नाक में तिल तेल), चेहरे की भाप, जलनेति, नाड़ी शोधन, एनिमा, मिट्टी लेप, सरसों तेल से शरीर मालिश, बॉडी स्टीम तथा पॉलिथीन स्टीम स्नान जैसी प्राकृतिक चिकित्सा विधियों का अभ्यास कराया गया। पूज्य गुरुदेव के जन्म स्थान से पधारे चिकित्सक श्री जितेन्द्र भाई साहब ने अपने मार्गदर्शन में बताया कि मानव शरीर पंचतत्व—जल, अग्नि, पृथ्वी, वायु और आकाश—से निर्मित है तथा अपनी मिट्टी, जल एवं प्राकृतिक तत्वों के माध्यम से ही शरीर का शुद्धिकरण और उपचार संभव है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंग्रेजी दवाइयाँ रोग को दबाती हैं, जड़ से समाप्त नहीं करतीं। उनसे तात्कालिक राहत तो मिल जाती है, परंतु भविष्य में रोग गंभीर रूप भी ले सकता है। इसके विपरीत प्राकृतिक चिकित्सा शरीर को भीतर से शुद्ध कर रोगों को जड़ से समाप्त करने में सहायक होती है। साथ ही हल्का भोजन, उचित जल सेवन एवं सात्विक जीवनशैली अपनाने पर विशेष बल दिया गया।
उपचार उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्राकृतिक “अमृत आहार” एवं अमृत पेय प्रदान किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनों को योग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आत्मनिर्भर स्वास्थ्य पद्धति से जोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना रहा। प्राकृतिक चिकित्सा शिविर का आयोजन राजपूत शिक्षा समिति, अमरहा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शहडोल तथा विराट क्षत्रिय महासभा सोहागपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।
शिविर में भाग ले रहे शिविरार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें विभिन्न शारीरिक समस्याओं में उल्लेखनीय लाभ प्राप्त हुआ। श्रीमती मीना सिंह ने बताया कि कमर दर्द के कारण डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी, किंतु यहां उपचार लेने के बाद उन्हें काफी आराम मिला। श्रीमती कृपा सिंह जोधावत ने बताया कि पेट दर्द और गैस की समस्या के लिए वे नागपुर एवं बिलासपुर तक इलाज करा चुकी थीं, परंतु कोई विशेष लाभ नहीं मिला, जबकि यहां उपचार के बाद उन्हें बहुत आराम है। श्री ओंकार सिंह सेंगर ने घुटने एवं पैर के दर्द में राहत मिलने की बात कही, वहीं श्रीमती मंजू सिंह सोलंकी ने कमर दर्द में उल्लेखनीय सुधार बताया। शिक्षक श्री हरिलाल सिंह ने सायटिका के दर्द में लाभ मिलने की पुष्टि की।
पुरानी बस्ती शहडोल से आए शिक्षक श्री रिंकू जायसवाल ने बताया कि उन्हें सोरायसिस और गैस की बीमारी थी, जो पांच दिनों के भीतर लगभग 80 प्रतिशत तक ठीक हो गई तथा गैस की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई। कटनी से आए श्री उत्तम सिंह सिसोदिया ने बताया कि वे पूरे परिवार के साथ आए हैं और सभी को पर्याप्त लाभ मिला है। श्रीमती शशि सिंह ने जोड़ों के दर्द में राहत और गैस की समस्या पूरी तरह ठीक होने की जानकारी दी। पंचायत सचिव श्री अजय सिंह ने बताया कि उनकी गैस की समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है। श्री अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि वे केवल शुद्धिकरण के उद्देश्य से शिविर में आए थे और अब स्वयं को बहुत हल्का महसूस कर रहे हैं।
श्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि वे 15 वर्षों से खाद्य एलर्जी से पीड़ित थे और केला व दही खाने पर तुरंत सर्दी हो जाती थी, परंतु शिविर में उपचार के बाद उन्हें इन पदार्थों से कोई समस्या नहीं हुई और वे स्वयं को काफी राहत महसूस कर रहे हैं। शिक्षक श्री सत्येन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि वे पूरे परिवार के साथ शिविर में भाग ले रहे हैं और उन्हें कब्ज, कमर दर्द तथा घुटने के दर्द में लाभ मिला है। श्री निलेश सिंह तोमर एवं श्री कुशल सिंह तोमर ने घुटने के दर्द में आराम तथा वजन कम होने की जानकारी दी। इस प्रकार शिविर में भाग लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति को किसी न किसी रूप में लाभ अवश्य प्राप्त हुआ।
इस शिविर के सफल आयोजन में गायत्री चेतना केंद्र, बुढार के संचालक श्री पी.के. जैन जी एवं उनकी धर्मपत्नी का अत्यंत महत्वपूर्ण मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ। उनके मार्गदर्शन में यह शिविर आयोजित किया गया और उन्होंने संपूर्ण शिविर अवधि में निरंतर सहयोग प्रदान किया। गायत्री साधना केंद्र, सामंतपुर के संचालक श्री दीपलाल सिंह डोंगरे जी द्वारा भी विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग दिया गया। उनकी प्रज्ञा कौशल की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत भजन, गीत एवं दीप यज्ञ ने सभी प्रतिभागियों का मन मोह लिया। राजपूत विद्यालय एवं महाराणा प्रताप विद्यालय के शिक्षकों ने स्वयंसेवक के रूप में सेवाभाव के साथ अपनी भूमिका निभाई। ग्राम पंचायत अमरहा के नागरिकों का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। वरिष्ठ समाजसेवी श्री कोमल सिंह तोमर ने अपनी पत्नी सहित शिविर में भाग लेकर सभी का उत्साहवर्धन किया।
शिविर के प्रचार-प्रसार एवं व्यवस्थाओं में श्री रमाकांत सिंह परमार (संयोजक, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शहडोल), श्री राजेश कुमार सिंह डोंगरे (सचिव, विराट क्षत्रिय महासभा सोहागपुर) एवं श्री अभयराज सिंह जोधावत (प्रांतीय उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, मध्य प्रदेश) का विशेष योगदान रहा।
*इस आयोजन को सफल बनाने में राजपूत शिक्षा समिति, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा शहडोल एवं विराट क्षत्रिय महासभा सोहागपुर के सदस्यों का तन-मन-धन से पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। यह शिविर संपूर्ण मैकलांचल क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य, जागरूकता एवं आत्मनिर्भर जीवनशैली की दिशा में एक प्रेरणादायक और क्रांतिकारी अनुभव सिद्ध हुआ।*


















